




पुणे। कलश मंदिर तलेगांव परोपकार सम्राट मोहनखेड़ा महातीर्थ विकास प्रेरक आचार्यदेव श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी म.सा.के आज्ञानुवर्ती शिष्य प.पू मुनिराज श्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.प.पू.मुनिश्री प्रितियश विजयजी म.सा.के पावन सानिध्य में कलश मंदिर प्रांगणे श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ दादा की 10वीं ध्वजारोहण को भव्य समारोह पूर्वक धुमधाम से मनाया गया।
सर्व प्रथम प्रातःदेव दर्शन चैत्यवंदन विधि के पश्चात् सकल श्रीसंघ के भाविक भक्तों के साथ स्नात्र पूजन एवं सत्तर भेदी पूजा के अंतर्गत नवमीं पूजा में ध्वजा की विधि हर्षोल्लास से सम्पन्न हुई। श्री रजतचंद्र विजयजी महाराज साहेब ने सुंदर राग में नवमी पूजा को पढाया एवं प्रभु की महिमा का गुणगान किया। मुनिश्री ने कहां परमात्मा के ऐसे उत्सव,पर से परम की ओर ले जाते हैं। भौतिकी से अध्यात्म की ओर ले जाते हैं। पाप से पुण्य की ओर ले जाते हैं। वासना से उपासना की ओर ले जाते हैं। अधर्म से धर्म की ओर बढ़ाते हैं। देवरोड से पधारे महिला मंडल ने पूजा-भक्ति की धूम मचाई। तीन परिक्रमा के बाद में ध्वजा को शिखर पर लेजाया गया। वहां पर पुरानी ध्वजा लेन के बाद,विशिष्ट मंत्रोंच्चार के साथ अष्टप्रकारी पूजन किया गया एवं विधि विधान के साथ प्रसन्नतामेय वातावरण में नवीन ध्वजा चढ़ाई गई। उसके पश्चात मंदिरजी में सत्तरभेदी पूजा को पूर्ण किया गया। उपाश्रय भवन में विराजित गुरु भगवंत श्री रजतचंद्रजी महाराज ने बड़ी शांति मंगल पाठ श्रवण कराया। मंदिर निर्माता बोराणा राठौर परिवार ने गुरु वंदन एवं गुरुपूजन किया। इस अवसर पर तलेगांव दाभाड़े श्रीसंघ,निगडी,तलेगांव स्टेशन, विट्ठलवाड़ी,आकुर्डी,चिंचवड़,पिंपरी के श्रीसंघ पधारे। पश्चात सकल श्रीसंघ का स्वामीवात्सल्य कलश मंदिर परिवार की और से हुआ। एक गुरुभक्त की ओर से लड्डू के पैकेट प्रभावना में वितरण किये गये।
गुरु भगवंत का आगामी कार्यक्रम पिंपरी (पुणे) श्रीसंघ में 24 फरवरी को मंगल प्रवेश एवं प्रवचन धारा,संध्या भक्ति धारा के आयोजन तथा 25 फरवरी को श्री राजेंद्रसूरि गुरुपद पूजन, भक्ति भावना,मातृ पितृ वंदनवली एवं सकल श्रीसंघ का स्वामीवात्सल्य रखा गया है।