18 वर्ष से अधिक आयु के पात्र लोगों को टीबी से बचाव का टीका लगेगा
रतलाम 02 मार्च 2024। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त किया जाना है। इस संबंध में 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीबी से बचाव के लिए 7 मार्च से वैक्सीन लगाना शुरू कर दिया जाएगा।
प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. वर्षा कुरील ने बताया कि स्वेच्छिक आधार पर चिन्हित व्यक्तियों को ही शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों पर वैक्सीन लगाया जाएगा। बीसीजी का वैक्सीन वर्तमान में शिशु के जन्म लेने के 24 घंटे में लगाया जा रहा है, इसका सिंगल डोज चमडी की उपरी सतह पर लगाया जा रहा है सामान्य रूप से टीका सुरक्षित माना गया है। वैक्सीन की पर्याप्त मात्रा जिला कार्यालय में प्राप्त कर ली गई है। जिला क्षय अधिकारी डॉ. अभिषेक अरोरा ने बताया कि यह एक कारगर वैक्सीन है। अध्ययन बताते है इस वैक्सीन को लगवाने पर टीबी के प्रति प्रतिरोधक क्षमता का निर्माण होता है जिससे व्यक्ति में टीबी की बामारी होने से 40 प्रतिशत तक बचाव देखा गया है। ग्राम स्तरीय मैदानी कर्मचारियों द्वारा सर्वे कर पात्र लोगों की सूची तैयार की जा रही है ।
इन्हे लगेगा टीबी से बचाव का टीका
टीकाकरण के दौरान पिछले 5 वर्ष से टीबी का उपचार करा रहे ऐसे लोग जिनका उपचार पूर्ण हो चुका है, पिछले 5 साल से टीबी मरीज के संपर्क में रहने वाले लोग, जिनका बीएमआई 18 से कम हो (अपना बीएमआई जानने के लिए मोबाईल पर बीएमआई इंडिया लिखकर वजन और उंचाई लिखकर आसानी से जान सकते हैं) , स्वयं रिपोर्ट किए गए धुम्रपान करने वाले लोग, स्वयं रिपोर्ट किए गए डायविटीज के मरीज तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग सहमति पत्र भरकर टीका लगवा सकेंगे ।
इन्हे नहीं लगेगा टीका
18 वर्ष से कम आयु के लोग, टीका लगवाने के प्रति असहमति रखने वाले व्यक्ति, गंभीर रूप से बीमार बिस्तर पर रहने वाले व्यक्ति, गर्भवती माताऐं, स्तनपान कराने वाली माताऐं, जिनका वर्तमान में टीबी का उपचार चल रहा है एचआईवी, कैंसर इम्युनोसप्रेशन लोग , दवाओंके प्रति एलर्जी रखने वाले लोग, प्रत्यारोपण रिसीवर आदि को किसी भी स्थिति में बीसीजी का वैक्सीनेशन नहीं किया जाएगा ।