जिंदगी में चढ़ाव उतार और अनेक ठोकरे खाने के बाद जो अनुभव प्राप्त होता है वह सच्चा ज्ञान है – राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश

श्रीरामपुर जैन स्थानक 11 मार्च 2024 । महापुरुषों के शास्त्रों के ज्ञान को द्रव्य क्षेत्र कल और भाव से ध्यान में रखते हुए विवेक का समावेश ना किया जाए तो अभिशाप बन सकता है उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने संबोधित करते कहा कि ज्ञान में में परिपक्वता अनुभव की ज्ञान का समावेश किया जाए तो वरदान बनता है।
उन्होंने कहा कि पुस्तक का तोता रटन ज्ञान अंदर के रहस्य से अनभिज्ञ होता हैं तो अर्थ का अनर्थ हो जाता है। मुनि कमलेश ने बताया कि जिंदगी में चढ़ाव उतार और अनेक ठोकरे खाने के बाद जो अनुभव प्राप्त होता है वह सच्चा ज्ञान होता है।
राष्ट्र संत ने कहा कि आगमों के अंदर 60 वर्ष के ऊपर को स्थवीर पद से सुशोभित किया गया है और दुर्भाग्य है परिवारों में साठीऔर बुद्धि नाटी शब्दों का प्रयोग करके अपमानित करना महान पाप है।
जैन संत ने बताया कि अनुभव वाला व्यक्ति चलता फिरता तीर्थ के समान होता है अनुभवहीन व्यक्ति पशु से भी गया बिता होता है। अनुभव व्यक्ति संगति अनंत जन्मो को सुधार देता है। श्रीरामपुर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पावर के उपलक्ष में सीनियर सिटीजन करीब 70 बहनों का अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया।