


रतलाम 25 अगस्त। शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रतलाम में स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में अल्पावधि रोजगारोन्मुखी 25 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मंगलेश्वरी जोशी की अध्यक्षता एवं जिला समन्वयक डॉ. विजय चौरे के मुख्य आतिथ्य में हुआ।
कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती तथा स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। अतिथियों का स्वागत कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की जिला नोडल अधिकारी डॉ. माणिक डांगे, डॉ. अनामिका सारस्वत, डॉ. सुरेश चौहान, डॉ. आशा राजपुरोहित ने किया।
कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ जिला नोडल अधिकारी डॉ. माणिक डांगे ने दिनांक 25 अगस्त से 26 सितंबर 2026 तक चलने वाले इस कार्यक्रम की रूपरेखा (ब्यूटी एंड वेलनेस) पर प्रकाश डालते हुए इसकी उपयोगिता बताई। इस कार्यक्रम की प्रशिक्षक सुश्री ज्योति मीणा एवं विनीता जैन के द्वारा ट्रेनिंग दी जाएगी। डॉ. डांगे ने बताया कि इस प्रोग्राम से केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं मानसिक स्वास्थ्य में भी निखार आएगा। उन्होंने बताया कि हमने 2012-13 में भी यह प्रोग्राम किया था तथा विभिन्न विषयों पर इस तरह के कार्यक्रम किए गए हैं।
इस अल्पावधि प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्किन केयर और बेसिक फेशियल टेक्निक, हेयर केयर और बेसिक हेयर स्टाइल, मेनीक्योर और पेडीक्योर, बेसिक मेकअप टेक्निक, पर्सनल ग्रुमिंग और हाइजीन, ब्यूटी एंड वेलनेस प्रैक्टिसेज आदि प्रशिक्षण दिए जाएंगे।
डॉ. विजय चौरे ने 25 दिवसीय रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज का समय ब्यूटी एवं वेलनेस का है, इसे रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर हम अपना स्वयं का रोजगार शुरू कर सकते हैं। साथ ही हमें यह भी सोचना होगा की इसकी मार्केटिंग किस प्रकार से करेंगे। इस मंच के माध्यम से आप अपना स्किल डेवलपमेंट कर अपना स्वयं का रोजगार शुरू कर सकते हैं।
प्राचार्य डॉ. जोशी ने कहा कि सौंदर्य का अर्थ ब्यूटी प्रोडक्ट्स का उपयोग करना नहीं है बल्कि आंतरिक सौंदर्य, स्वच्छता और सादगी ही सौंदर्य का प्रतीक है। आपके लिए सौभाग्य की बात है कि यदि हम अपनी त्वचा के प्रति जागरूक रहेंगे तो आंतरिक रूप से भी जागरूक और संतुलित रहेंगे। यह केवल एक औपचारिकता नहीं है बल्कि इसमें कॅरियर की अनेक संभावनाएं हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रशिक्षक सुश्री ज्योति मीणा ने छात्राओं को कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम का संचालन प्रो. अनुष्का गाबा ने किया एवं आभार डॉ. दिवाकर भटेले ने माना।