
रतलाम । रोटरी क्लब ऑफ रतलाम प्लेटिनम द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिला स्वास्थ्य से संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का प्रारंभ अतिथियों एवं अध्यक्ष,सचिव द्वारा दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती माल्यार्पण द्वारा किया गया।तत्पश्चात रोटरी प्रार्थना एवम चतुर्विद मंत्र का वाचन डॉ गीता दुबे ने किया।
प्रथम सत्र की मुख्य वक्ता डॉ. रक्षिता सांखला ,योग प्रशिक्षक, फिजियोथैरेपिस्ट, यौगिक एरोबिक विशेषज्ञ ने महिला स्वयं को स्वस्थ एवं फिट रहने के लिए पांच स्वास्थ्य के पक्षों, आध्यात्मिक, सामाजिक, मानसिक, शारीरिक एवं व्यक्तिगत स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के टिप्स दिए,महिला स्वयं स्वस्थ रहेगी तो परिवार,समाज एवं देश को भी स्वस्थ रख सकती है।वर्तमान युग में चारों ओर तनावपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना होता है,उक्त पांच स्वास्थ्य के पक्षों पक्षों को ध्यान रखे तो आंतरिक एवं बाह्य विकारों से मुक्त रह सकते हैं।
मध्यवय की महिलाओं की समस्याओं जैसे थायरॉयड,वजन में परिवर्तन,पीठ दर्द,रक्तचाप में परिवर्तन आदि के निदान हेतु व्यवहारिक प्रशिक्षण,दैनिक जीवन ,भोजन में परिवर्तन आदि के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी।
द्वितीय सत्र की वक्ता श्रीमती सीमा अग्निहोत्री राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका एवं राज्य आनंद संस्थान की प्रशिक्षिका ने बताया कि विभिन्न आयु वर्गो हेतु संस्थान से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती है जिनका उद्देश जीवन शैली, विचारों में परिवर्तन कर स्वस्थ मन मस्तिष्क का विकास किया जा सकता है।अल्पविराम प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वारा अपने जीवन में ठहराव लाकर सकारात्मकता पूर्ण विचारों का आदान प्रदान,कृतज्ञता से व्यक्ति स्वयं को संतुलित कर शारीरिक एवं मानसिक रूप से जागरूक रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
तृतीय एवं अंतिम सत्र की वक्ता डॉ शोभना तिवारी निदेशक डॉ शिवमंगल सिंह सुमन स्मृति शोध संस्थान एवं निदेशक मालवा निमाड़ लोक संस्कृति संस्थान रतलाम ने उदबोधित करते हुए कहा कि साहित्य समाज का पूरक हैं,साहित्य के बिना समाजिक जीवन अधूरा है, चूकि महिलाओं में वैचारिक एवं भावनात्मक सौंदर्य अपार पाया जाता हैं और इसी कारण महिलाए अपने परिवार को समाज से जोड़ कर रखती है,महिलाए चेतना की प्रतिमूर्ति होती हैं।विभिन्न रूपों में महिलाएं अपने अपने कार्यों को पूरे सौंदर्य के साथ करती है जो अभिनंदनीय है।आपने महिलाओं को सुसंगठित विचारधारा का पोषक बताया। प्रारंभ में तीनों अतिथियों का स्वागत एवं परिचय डॉ माणिक डांगे अध्यक्ष रोटरी प्लेटिनम द्वारा दिया गया।
कार्यशाला के अंत में सम्मानित मातृशक्तियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यशाला में रोटे शोभा नैनानी,वंदना सोनी, डॉ गीता दुबे,कमला गुप्ता, डॉ मीना सिसोदिया,शिल्पा सोनी,भावना अडेसरा, प्रतिभा सोनी, कृष्णा मेंडिया ,सरोज सोनी,ऊषा जैन आदि उपस्थित थे।कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ मंगलेश्वरी जोशी ने किया एवम अंत में आभार प्रदर्शन सचिव हंसा पटनी ने किया।