
जावरा (अभय सुराणा) | लोकसभा चुनाव 2024 हेतु कर्मचारियों की ड्यूटी लगना प्रारंभ हो गई है | लगभग सभी विभाग के कर्मचारी इस कार्य में लगे हुए हैं | सभी कर्मचारी और अधिकारी हमेशा यही प्रयास करते हैं कि चुनाव में किसी कर्मचारी को कोई परेशानी न हो, सामग्री वितरण से लेकर सामग्री जमा करने तक ,परंतु हमेशा यह देखने में आता है कि सामग्री वितरण में तो कोई परेशानी नहीं होती है लेकिन सामग्री जमा करने में बहुत कठिनाई होती है | पोलिंग बूथ से जो दल सामग्री जमा करने लाईन में लगकर काउंटर पर पहुँचता है तो उसे कमियाँ बताकर ठीक करके लाने को कहा जाता है ऐसा इसलिए होता है कि ट्रेनिंग में बताऐ अनुसार प्रपत्र जमाकर लाता है लेकिन काउंटर पर उसे फिर कोई नयी जानकारी लाने को कहा जाता है | बस यहीं पर मतदान दल परेशान होता है कि बहुत मुश्किल से लाईन में लगा था अब फिर दोबारा सारी सामग्री खोलकर एक दो तीन करना पढ़ेगी | राज्य कर्मचारी संघ के तहसील अध्यक्ष परीक्षित पुरोहित ने ज़िला निर्वाचन अधिकारी महोदय से मांग की है कि सामग्री जमा करने में ऐसी योजना बनाई जाऐ कि जमा करने वाले कर्मचारी और मतदान दल दोनों को असुविधा न हो | इसके लिए यह सही होगा कि मतदान केंद्र पर ही मतदान समाप्ति के पश्चात आवश्यक प्रपत्र जैसे मतपत्र लेखा, पीठासीन अधिकारी की डायरी, ईवीएम, घोषणाएँ आदि जो प्रपत्र चेक किये जाते हैं झोनल द्वारा चेक कर हस्ताक्षर कर दिये जाऐं ताकि दल को सिर्फ काउंटर पर सामग्री ही जमा करना रहे | मतदान केंद्र पर ही प्रपत्र चेक होने पर उनमें जो कमियाँ है उन्हें वहीं आसानी से सुधारा जा सकता है | ऐसा करने पर सामग्री जमा करने वाली जगह पर अफरा तफरी से बचा जा सकता है |