हिंसा करने वाला पापी होता है लेकिन धोखा देने वाला महा पापी होता है – राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश

घोड़नदी तिलोक रत्न आनंद भवन 1 अप्रैल 2024 । छल कपट और माया का जिसके दिल में निवास होता है वह कितनी कठोर साधना कर ले वह कर्म बंधन का ही कारण बनेगी। उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने संबोधित करते कहा कि किसी के साथ छल करने से उसका नुकसान हो या ना हो लेकिन अपने सद्गुण सब नष्ट हो जाते हैं। मुनि कमलेश ने बताया कि हिंसा करने वाला पापी होता है लेकिन धोखा देने वाला महा पापी होता है कर्मों की आंखों में धूल नहीं झोक सकते, देर है अंधेर नहीं।
उन्होंने कहा कि माया करने वाले की आत्मा दुर्गति का मेहमान बनती है अमृत जैसी साधना को मिट्टी में मिलने के समान है। राष्ट्र संत ने कहा कि छल करने पर जब सत्य सामने आता है तो उसका हमेशा के लिए विश्वास खत्म हो जाता है वह जिंदगी मुर्दे के समान होते हैं। जैन संत ने कहा कि विश्व के सभी धर्म ने छल कपट माया रहित व्यक्ति कोई धर्म में प्रवेश दिया है माया और धार्मिकता में 36 का आंकड़ा है। पुणे जिले में प्रवेश करने पर प्रशासन की आलाधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली युवा शाखा के वरिष्ठ कार्यकर्ता सुनील भंडारी प्रतिनिधिमंडल के साथ सेवा में उपस्थित हुए, 7 अप्रैल तक यह विराजने की संभावना है। 12 अप्रैल तक पुणे पहुंचने के भाव है।