कर्म से ही भाग्य का निर्माण होता है – राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश

घोड़नदी जैन स्थानक 2 अप्रैल 2024 । यदि आज का वैज्ञानिक यह सोच लेता समय से पहले और भाग्य से ज्यादा नहीं मिलता तो क्या इतना आविष्कार होता। उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने आदिनाथ जन्म कल्याणक समारोह को संबोधित करते कहा कि विज्ञान डॉक्टर और सैनिक कर्म में विश्वास करते हैं और कर्म से ही भाग्य का निर्माण होता है।
उन्होंने कहा कि भगवान के भरोसे नसीब भाग्य के सहारे जो हाथ पैर हाथ देकर बैठा रहता है उसका विश्व के किसी धर्म में प्रवेश नहीं है।
मुनि कमलेश ने बताया कि जिस प्रकार डॉक्टर बीमारी की सर्जरी करता है वैसे ही कर्मों की सर्जरी आध्यात्मिक डॉक्टर सद्गुरु के माध्यम से समय से पहले कर्मों की निर्जरा कर सकते हैं। राष्ट्र संत ने कहा कि तपस्या और साधना से मानव 48 मिनट में नई नसीब का निर्माण कर सकता है अर्जुन माली ने उसी भव में कर्म बांधेमें इस भव में तोड़े।
आदिनाथ जन्म कल्याणक के पावन प्रसंग पर 51 भाई बहनों ने वर्षितप तपस्या तपस्या का संकल्प मुनि कमलेश से करवाया। 12 ही महीने तपस्वी के पारना का लाभ कोठारी परिवार ने लिया महान तपस्वी श्री कान मुनि जी के देवलोक गमन पर चार लोग इसके द्वाराश्रद्धांजलि अर्पित की गई मुनि कमलेश ने गुणानुवाद किया।