
वडगांव शेरी पुणे जैन स्थानक 17 अप्रैल 2024 । पहले श्री राम की अच्छाई को आत्मसात कर ले, बाद में रावण के बारे में सोचें। उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने रामनवमी पर संबोधित करते कहा कि दुर्भाग्य है दुर्गुणों से रावण बना हुआ रावण को मारने जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बुराइयों का प्रतीक रावण है और अच्छाइयों का प्रतीक श्री राम। पहले एक ही रावण था आज तो घर-घर में गली-गली में भ्रष्टाचार, हिंसा, आतंकवाद, व्यसन, बलात्कार रुपी रावण का साम्राज्य छाया हुआ है। मुनि कमलेश ने बताया कि सर्वप्रथम अपने अंदर मन में क्रोध, लोभ, अहंकार, मोह रूपी रावण को जीतने का प्रयास करें तभी धार्मिकता में प्रवेश होगा।
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि त्याग सादगी संयम मर्यादा शालीनता और सहनशीलता इनको आत्मसात करके श्री राम विश्व पुजनीय बने। इन अच्छाइयों का अपनाना सच्चा श्री राम का भक्त बनना है। जैन संत ने बताया कि प्रभु श्री राम संपूर्ण मानवता की अनमोल धरोहर है आज भी प्रासंगिक है विश्व शांति के लिए उनके विचार रामबाण औषधि के समान है।
महासती उपप्रवर्तनी चंदन बालाजी ने कहा कि रामायण का एक शब्द भी जीवन में उतारने से जीवन में कायाकल्प हो सकता है । 18 अप्रैल को प्रवचन के पश्चात यवरड़ा रात्रि 9:00 बजे प्रवचन है। 19 अप्रैल को कल्याणी नगर दिवाकर मंच के वरिष्ठ कार्यकर्ता विलास पारलेचा के निवास पर चाहते हैं 9:00 बजे प्रवचन होंगे। 21 और 22 अप्रैल महावीर जयंती चंदन नगर पुणे के सानिध्य में मुनि कमलेश के द्वारा अहिंसा दिवस के रूप में मनाई जाएगी।