
रतलाम। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ नीमचौक रतलाम द्वारा जिनशाशन की गरिमा में अभिवृद्धि करने वाली नगर की दो मुमुक्षु आत्माओं श्री राजमलजी नलवाया एवं स्वाध्यायी युवा मुमुक्षु श्रेयांसजी चौरड़िया का बहुमान श्रीसंघ द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुमुक्षु श्रेयांस चौरड़िया द्वारा संसार असार है दुःखों का पहाड़ है और संयम ही कल्याण का एकमात्र आधार है इस विषय पर सारगर्भित उदबोधन प्रदान किया।
श्रीसंघ की और से संघरत्न इंदरमल जैन, वरिष्ठ सलाहकार महेंद्र बोथरा ने मुमुक्षु आत्माओं के प्रति शुभेच्छा प्रेषित की। इस अवसर पर संघ अध्यक्ष ललित पटवा, अमृत कटारिया, महेंद्र मालवी, विजय कटारिया, विजय पटवा, अजय खमेसरा, रवि बोथरा, प्रो. मनोहर जैन, नीलेश बाफना, मनीष भटेवरा, पारस मेहता, अभय गाँधी, श्रीसंघ, नवयुवक मंडल, महिला मंडल, बहु मंडल के सदस्य मौजूद थे। धर्मसभा का संचालन महामन्त्री विनोद बाफना ने एवं आभार गुणवंत मालवी ने प्रकट किया।