निराशा सगन अंधकार और पतन का कारण है- राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश

पुणे महावीर प्रतिष्ठान 28 अप्रैल 2024 । निराशा में रहना और दूसरों को निराश करना दोनों ही अधर्म का रास्ता है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने संबोधित करते हुए कहाकी निराशा सगन अंधकार है पतन का कारण है अपने आप में मृत्यु के समान है। उन्होंने कहा कि विश्व के सभी धर्म ने निराशा को आशा में बदलने की कला सिखाई है। आशा अमर धन है विकास में ऑक्सीजन से महत्वपूर्ण है। मुनि कमलेश ने बताया कि निराशा वादी अपना तो नुकसान करता ही आसपास के लोगों को भी अंधकूप में धकेलना का पाप कमाता है।
राष्ट्र संत ने कहा कि निराशा के कारण डिप्रेशन, ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज, आत्महत्या का शिकार बनता है। जैन संत ने कहा कि निराशा अपने आप में हिंसा का प्रतीक है धार्मिकता और निराशा दोनों एक साथ एक जीवन में नहीं रह सकते।
मूर्ति पूजक गुरुदेव ने कहा कि जीवन में और संभव कुछ भी नहीं है निरंतर प्रयास करने वाले कि सफलता चरण चूमती है कौशल मुनि जी ने मंगलाचरण किया पंडित प्रवर श्री अचल ऋषि जी ने विचार व्यक्त किया 29 अप्रैल को अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली महाराष्ट्र शाखा के कार्यकर्ताओं के मीटिंग का आयोजन प्रातः 900 बजे रखा गया है