
पुणे धनकवड़ी जैन स्थानक 6 मई 2024 । जितना धन वाले को महत्व दिया जाता है उतना ही तन वाले को दीजिए। उक्त विचार राष्ट्र संतकमल मुनि जी कमलेश ने संबोधित करते हुए कहा कि साधना और सेवा का साधन शरीर ही होता है शरीर के बिना सभी शून्य है। उन्होंने कहा कि आपके पास अगर 100 करोड़ रूपये है और अगर चिट्ठी डाक में डालनी है वह काम इंसान ही करेगा पैसा उसको डालने नहीं जा सकता।
मुनि कमलेश ने बताया कि पहले तन मन और तीसरे स्थान पर धन दुर्भाग्य है धन को प्रथम स्थान दे दिया गया है इसलिए तन वाले कार्यकर्ता तैयार नहीं हुए।
राष्ट्र संत ने बताया कि तन, मन और धन तीनों में समन्वय होना अत्यंत जरूरी है आज तन सेवा वाले को समझ में कोई पूछता नहीं। जैन संत ने बताया कि तीर्थंकरों ने धन को गौण करके तन को तपाया तो केवल ज्ञान पाया, चेतक घोड़ा दुनिया में अमर हुआ तन सेवा करके।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली युवा शाखा के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री डॉ विशाल मेहता ने आव्हान किया कि कम से कम 2 घंटे रोज तन से साधना सेवा करें। बालिका शाखा की राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट कोमल बोहरा ने कानून के माध्यम से जन समस्या दूर करने के लिए अपनी पूरी टीम को समर्पित कर दिया। देश के लिए शहीदों ने खून बहाया कम कम से कम पसीना बहाने का संकल्प ले। मंत्री अतुल चोर्डिया ने 5 रू. प्रतिदिन गो दान देने की अपील की। सैकड़ो युवा इस मिशन को लेकर घर-घर पहुंच रहे हैं। मंच के वरिष्ठ कार्यकर्ता मामा जी संचेती ने 10 रू. रोज का अभियान चालू किया है।