वेंडिंग जोन और पुनर्वास की मांग को लेकर 7 अक्टूबर को नगर परिषद के समक्ष होगा प्रदर्शन


राजगीर (नालंदा)। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी राजगीर में रोजी-रोटी के लिए संघर्ष कर रहे हजारों फुटपाथ दुकानदारों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। नालंदा फुटपाथ दुकानदार अधिकार मंच, शाखा राजगीर की एक महत्वपूर्ण मासिक बैठक रविवार को स्थानीय अजातशत्रु होटल के सभागार में संपन्न हुई, जिसमें शहर भर के फुटपाथ दुकानदारों ने अपनी अपनी दुकानें बंद कर आवाज किया बुलंद l
मौके पर बैठक को संबोधित करते हुए मंच के राज्य समन्वयक सह भाजपा नेता व पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता डॉ अमित कुमार पासवान ने कहा कि आए दिन फुटपाथ दुकानदारों पर नगर प्रशासन के द्वारा अतिक्रमण के नाम पर उन्हें तंग -तवाह किया जा रहा है उन्होंने कहा कि नगर परिषद के नगर विक्रय समिति के बैठक में फुटपाथ दुकानदारों को पुनर्वासित करने के लिए प्रस्ताव को पारित करवा लिया गया है बावजूद दुकानदारों को अभी तक पुनर्वासित नहीं किया गया है जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ।
बैठक की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष समाजसेवी रमेश कुमार पान ने की, जबकि मंच का संचालन कार्यकारी अध्यक्ष गोपाल भदानी ने किया। बैठक में राजगीर के फुटपाथ दुकानदारों की बदहाली और नगर परिषद की उदासीनता पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।
5 सूत्री मांगों पर होगा घेराव
घंटों चली इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगर नगर परिषद ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आगामी 7 अक्टूबर 2026 को नगर परिषद, राजगीर का घेराव किया जाएगा। मंच ने अपनी 4 प्रमुख मांगें रखी हैं –
- नगर विक्रय समिति की बैठक नियमित हो: पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम 2014 के तहत गठित नगर विक्रय समिति की बैठक महीनों से नहीं हुई है। दुकानदारों का कहना है कि बैठक न होने से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा।
- वेंडिंग जोन बनाकर पुनर्वास किया जाए: राजगीर एक पर्यटन शहर है। यहां वीर कुंड, ब्रह्म कुंड, वेणुवन, घोड़ा कटोरा में लाखों पर्यटक आते हैं। फुटपाथ दुकानदार ही पर्यटकों को सस्ती सेवा देते हैं, लेकिन उन्हें अतिक्रमण के नाम पर हटाया जाता है। मांग है कि सभी जोन में चिन्हित वेंडिंग जोन बनाकर सभी को सम्मान के साथ पुनर्वासित किया जाए।
- टाउन प्लानिंग में प्रतिनिधित्व: शहर के विकास का नक्शा बनते समय फुटपाथ दुकानदारों की कोई सुध नहीं ली जाती। टाउन प्लानिंग कमिटी में फुटपाथ दुकानदारों के निर्वाचित प्रतिनिधि को शामिल किया जाए, ताकि उनके हितों की रक्षा हो सके।
- सिटी मिशन मैनेजर की स्थायी बहाली: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना DAY-NULM के तहत मिशन सिटी मैनेजर का पद राजगीर में वर्षों से खाली है या अस्थायी रूप से चलाया जा रहा है। इसकी स्थायी बहाली की जाए।
- फुटपाथ वेंडरों के वेंडिग कार्ड को समय से नवीनीकरण किया जाय।
नेताओं ने क्या कहा?
बैठक को संबोधित करते हुए मंच के राज्य समन्वयक डॉ. अमित कुमार पासवान ने कहा, “फुटपाथ दुकानदार कोई अतिक्रमणकारी नहीं हैं, वे शहर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ और रौनक हैं। अगर सरकार इन्हें इज्जत के साथ बसाएगी तो राजगीर की सुंदरता में चार चांद लगेगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।”
मंच के वरिष्ठ नेता उमराव प्रसाद निर्मल ने नगर परिषद पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “नगर परिषद राजगीर में घोटालों का अंबार लगा हुआ है। करोड़ों-अरबों रुपये की योजनाओं में गड़बड़ी हो रही है, लेकिन जब फुटपाथ वेंडर के पुनर्वास के लिए एक रुपया खर्च करने की बात आती है तो खजाना खाली बता दिया जाता है। यह गरीब विरोधी मानसिकता है। अगर 7 तारीख तक मांग नहीं मानी गई तो इससे भी धारदार आंदोलन होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद की होगी।”
इस अवसर पर नगर परिषद की पूर्व मुख्य पार्षद प्रत्याशी समाजसेवी अनिता कुमारी गुप्ता ने भावुक होते हुए कहा, “मैं खुद एक फुटपाथ दुकानदार की बहू हूं, इसलिए इनका दर्द मैं बखूबी समझती हूं। चूल्हा कैसे जलता है, उधारी कैसे चलती है, यह मैंने देखा है। मुझे अब तक वह अवसर नहीं मिला कि मैं आप लोगों के लिए बड़ा काम कर सकूं, लेकिन भरोसा दिलाती हूं कि आपके हर सुख-दुख में, हर कदम पर आपके साथ खड़ी रहूंगी।”
सैकड़ों वेंडर रहे मौजूद
बैठक में राजू साव, शंकर कुमार, दुर्गा प्रसाद, अरुण कुमार, गोपाल यादव, टकल कुमार, रेखा देवी, भूषण कुमार, चिंता देवी, मदन बनारसी, शैलेंद्र कुमार, उमाशंकर यादव, प्रेमपाल कुमार, नीलम देवी, विमला देवी सहित सैकड़ों फुटपाथ दुकानदार उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में 7 अक्टूबर के घेराव को सफल बनाने का संकल्प लिया।