श्री रूचि प्रमोद पाश्र्वनाथ जिनालय पर 11 वां ध्वजारोहण महोत्सव

गच्छाधिपति आचार्य श्रीमद विजय लेखेन्द्र सूरीश्वरजी की निश्रा में जय-जयकार के बीच चढी ध्वजा

रतलाम,13 मई। शांति निकेतन कालोनी बुद्धेश्वर रोड स्थित श्री रूचि प्रमोद पाश्र्वनाथ जिनालय पर सोमवार सुबह गच्छाधिपति आचार्य श्रीमद विजय लेखेन्द्र सूरीश्वरजी की निश्रा में जय-जयकार के बीच ध्वजा चढाई गई। जिनालय का 11 वां ध्वजारोहण महोत्सव चुनाव आचार संहिता के चलते इस वर्ष लघु स्तर पर हुआ। इसमें सुबह शुभ मुहुर्त सतर भेदी पूजा रखी गई।
गच्छाधिपति आचार्य श्रीमद विजय लेखेन्द्र सूरीश्वरजी ने ध्वजारोहण के बाद मंदिर परिसर में उपस्थित भक्तों को आर्शीवचन देते हुए कहा कि संसार में जिदंगी को सिर्फ परमात्मा ही तार सकते है। बचपन, जवानी और वृद्धावस्था में बचपन और जवानी बीतते देर नहीं लगती, लेकिन बुढापा बिताने में समय लगता है। बचपन माता के साये में और जवानी संतो की निश्रा में बीतनी चाहिए जबकि बुढापे में परमात्मा ही साथ होता है। इसलिए अधिक से अधिक भक्ति कर जीवन को सफल बनाए। आचार्यश्री ने आगामी दिनों में उनकी निश्रा में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए समाजजनों से उपिस्थत रहने का आव्हान भी किया। मुनिराज मगेन्दे विजय जी मसा एवं साध्वी मण्डल उपस्थित रहा ।
प्रभु पाश्र्व शान्तिनाथ जैन श्वेतांबर धार्मिक चेरीटेबल ट्रस्ट मण्डल के अध्यक्ष फतेहलाल कोठारी ने बताया कि सत्तर भेदी पूजा और ध्वजारोहण के लाभार्थी संजय, रश्मि जिनेश, श्रैयांशी, दक्ष कोठारी चन्दा मोटर्स परिवार एवं नेक्सटाईल ट्रेडलिंक परिवार, अठाना परिवार के नीलम कुमारी, विनयराज, शैलेन्द्र सिंह, दर्शना सिंह, भूवनेश्वरी,यशराज सिंह समीक्षा सिंह एवं हर्षवर्धन सिंह रहे। इस मौके पर दादा क्षेत्रपाल जी, श्री घण्टाकर्ण महावीर एवं पदमावती देवी के समक्ष हवन-पूजन किया गया। इस अवसर पर अजय सिसौदिया, विजय तलेरा,हेमन्त बोथरा, प्रमोद लोढा, अभय व्होरा सहित बडी संख्या में धर्मालुजन उपस्थित रहे।आभार सचिव दिपेन्द्र कोठारी ने माना।