
लोनावला मुंडावरे महावीर सेवा संस्थान 22 मई 2024 । अपने आप को कमजोर मानना शक्तिहीन मानना अथवा हीन भावना से ग्रसित होना अपने आप में स्वयं के लिए सबसे बड़ी हिंसा है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने जैन सोशल ग्रुप के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते कहा कि महावीर प्रभु ने कहा जो शक्ति मेरे में है वही शक्ति आप में है उसे जागृत करके आप मेरे समान बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आत्मा की अनंत शक्ति को जागृत करना ही कर्मों की निर्जरा साधना और सेवा का मुख्य लक्ष्य होना चाहिए।
मुनि कमलेश ने बताया कि जब पशु भी आत्म शक्ति जागृत करके रचनात्मक कार्यों से इतिहास बना सकते हैं जैसे चेतक घोड़ा तो फिर भला इंसान क्यों नहीं कर सकता। राष्ट्र संत ने बताया कि भगवान, भाग्य, नसीब और कर्मों के भरोसे यदि आज का विज्ञान डॉक्टर और सैना और देश के शहीद रह जाते तो क्या देश आजाद होता विज्ञान ऊंचाइयों को छू सकता था।
जैन संत ने कहा कि एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की तरह प्रत्येक धार्मिक कार्यकर्ता को सजग सावधान और अलर्ट रहेंगे तभी सफलता प्राप्त होगी। अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली राष्ट्रीय कार्यकारिणी के विजय कुमार जी बोहरा इचलकरंजी, वैशाली बोहरा, राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष केतन दुग्गड़ पुणे महिला शाखा शैला चंगेडिया आलंदी गुजरात शाखा महामंत्री आशा जैन राजकोट महाराष्ट्र की प्रमुख सुनीता कटारिया जैन परंपरा पुणे सभी ने वीरांगना गौ सेवा संत सेवा आदि पांच सूत्री कार्यक्रम को राष्ट्रीय बनाने की रूपरेखा प्रस्तुत की। सलाहकार गुरुदेव श्री सुरेश मुनि जी ने मंगल पाठ प्रदान किया। तपस्वी रतन मुनि जी ने मंगल आशीर्वाद दिया।