नंद के आनंद भयो से गूंज उठा पंडाल

  • कथा में पंडित शर्मा जी ने श्री राम चरित्र और श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाया
  • श्री कृष्ण जन्मोत्सव में भक्तों ने आनंद के साथ झूमते हुए नृत्य किया

रतलाम 22 मई । आज बुधवार को सैलाना रोड स्थित अखंड ज्ञान आश्रम पर श्री स्वामी ज्ञानानंद जी की 33वीं पुण्य स्मृति महोत्सव के तहत संगीत में भागवत कथा हो रही है कथा की यजमान श्यामलाल सौं शांति देवी एवं सुरेश पापटवाल परिवार रतलाम द्वारा पंडित नरेंद्र शर्मा दंतोलिया वाले द्वारा करवाई जा रही है। श्रीमद् भागवत कथा की पोती पूजन का सौभाग्य श्री शुभम् पापटवाल व धर्मपत्नी निकिता पापटवाल द्वारा किया गया। गुरुवार को कथा में व्यास पीठ से संग का प्रभाव पर जोर जोर देते हुए बताया कि एक बुरा संग आपको बर्बाद कर सकता है तो एक अच्छा संग आपका कल्याण कर सकता है ,अगर कोई अच्छा संग हमें मिल जाए तो हम अच्छे होते चले जाएंगे जैसे आसमान से जो बूंद चलती है, वह निर्मल होती है वही बूंद जो निर्मल सी है धूल में गिरती है तो धूमिल हो जाती है वही बूंद जब केले के पत्र में गिरती हैं तो वह कपूर बन जाती है वही बूंद जब गर्म लोहे पर गिरती है तो समाप्त हो जाती है वही बूंद जब सांप के मुंह में गिरती है तो जहर बन जाती है और वही बूंद जब शीप के मुंह में गिरती है तो मोती बन जाती है बूंद वही है पर जैसा-जैसा उसको संग मिलता गया वह वैसी बनती चली गई हम सब भी वही हैं लेकिन हमको भी जैसा-जैसा संग मिलता गया हम भी वैसे वैसे बनते चले गए शराबी के साथ बैठोगे तो एक दिन शराबी बन ही जाओगे और संत के पास बैठोगे तो संत नहीं तो भक्त तो बन ही जाओगे यह निश्चित है- अजामिल बहुत बढ़िया कर्मकांडी ब्राह्मण था लेकिन संग बिगड़ गया एक वेश्या का संग कर लिया सभी ने एक तरफ कर दिया समाज से दूर कर दिया लेकिन संतों की कृपा से भगवान नारायण के नाम का संग कर लिया उसका कल्याण हो गया।
समुद्र मंथन की कथा
यह संसार ही समुद्र है संसार में मिठास काम है कड़वाहट ज्यादा है 16 वर्ष पूरे होने पर मानव जब जवानी में प्रवेश करता है तब मन में मंथन होने लगता है इस समय बहुत सावधान रहने की जरूरत है जवानी में किसी संत के अधीन रहो अपने माता-पिता के अधीन रहो बहुत सरलता से जिसका यौवन पूर्ण हुआ है ऐसे महापुरुष इस संसार में बहुत ही कम है अपने मन को पर्वत के जैसा स्थिर करो अमृत मिलेगा
श्री राम चरित्र चिंतन का विषय है।
कहते हैं कि श्री राम के बिना आराम मिलता नहीं है श्री राम सेवा सभी के लिए अनिवार्य हैं आपका ज्ञान मार्ग हो या योग मार्ग हो आप किसी भी संप्रदाय से दीक्षा ग्रहण करो आपके इष्ट भगवान शंकर हो या कृष्णा हो सभी के लिए राम भक्त अति आवश्यक है।
श्री राम कैसे हैं?
श्री राम राम के जैसे ही हैं राम सर्व सद्गुणों के समुद्र हैं वर्तमान की राजनीति में ऐसा है कि जो गद्दी पर बैठता है लोग उसके पीछे पड़ते हैं परंतु राम अयोध्या का राज्य छोड़कर जंगल में जाते हैं तो अयोध्या की समस्त प्रजा उनके के पीछे पीछे जाती है।
श्री राम जी के जैसा बंधु प्रेम जगत में कहीं नहीं मिलेगा अपने भाई के साथ प्रेम करो जरा भी कपट मत करो आजकल बहुत से लोग दुनिया से तो प्रेम करते हैं लेकिन अपने सगे भाई से प्रेम नहीं करता हे भगवान श्री राम विश्व के आदर्श हैआज वर्तमान में हमें राम के आदर्श पर चलना बहुत आवश्यक है।
राम ही हमारी आत्मा है राम ही राष्ट्र है और राम हमारा परम धर्म एवं धन है लेकिन हम राम के नहीं धन के पीछे भागते हैं घर में धन नहीं धर्म की आवश्यकता है धन धर्म अनुमोदित होना चाहिए जो हमें मोक्ष तक पहुंचना है गृहस्थ जीवन का गृहस्थ जीवन से योगोयों सा आनंद प्राप्त करना हो तो परिवार को सुंदर संस्था बनाकर चलना होता है ऐसे घर आश्रम के बराबर होते हैं घर सरयू नदी रूपी भक्ति के किनारे बसा वह अयोध्या बन जाएगा।
जहां राम वहां अयोध्या
जब-जब धरती पर आसुरी शक्तियों का आतंक बढ़ता है तब भगवान कभी राम तो कभी कृष्ण बनकर आते हैं और उनका संहार करते हैं।
भगवान तो भाव के भूखे होते हैं कभी भक्त भगवान के पास जाता है लेकिन आज पापटवाल परिवार भाव भरा निमंत्रण स्वीकार कर मण्डफिया राजस्थान से स्वयं सेठो के सेठ सांवरिया सेठ इस उत्सव में सम्मिलित होने के लिए आए और समस्त भक्तों को अपना दर्शन प्रदान किया इस अवसर पर परम पूज्य गुरुदेव श्री संस्कार ऋषि दिनेश व्यास गुरुजी नीलकंठ धाम घटवास से पधारे। भागवत कथा में रतलाम शहर विधायक एवं लघु सूक्ष्म मध्य मंत्री श्री चेतन्य कश्यप भी पधारे उन्होंने व्यासपीठ का पूजन किया तत्पश्चात अपने उद्बोधन में कहा कि इस तरह‌ पिछले 33 साल से यह आयोजन हो रहे हैं और इस बार पापट परिवार को सौभाग्य मिला और और उसमें रतलाम शहर की जनता को सम्मिलित करना सराहनीय कार्य है इस तरह के धार्मिक आयोजन होते रहना चाहिए जिसमें लोगों को उत्साह एवं धर्म के प्रति जागरूकता बनी रहे। देव स्वरूपानंद जी ने भी भी रतलाम शहर विधायक एवं मंत्री की प्रशंसा की तथा कहा कि भाजपा का नारा था अबकी बार 50 बार उसे समय आपने 62 000 हजार वोट लाकर लोगों के प्रति आपका प्रेम देखने को मिला इस तरह से आप मध्य प्रदेश में भी अपना स्थान बनाए रखें। नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के भजन से पूरा पंडाल झूम उठा । चौथे दिन की आरती संपन्न कर प्रसादी का वितरण किया गया । कल गुरुवार को बाल लीला, गोवर्धन पूजा व छप्पन भोग लगाया जाएगा। उक्त जानकारी श्री सुरेश पापटवाल द्वारा दीं गई।