लोनावला मुंडावरे महावीर सेवा संस्था 23 मई 2024। आग से आग को नहीं बुझाया जा सकता। वैसे ही हिंसा को हिंसा से कभी समाप्त नहीं किया जा सकता। उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने बुद्ध पूर्णिमा को संबोधित करते कहा कि हिंसा के मार्ग पर चलकर कोई भी जाति को देश तरक्की के रास्ते पर नहीं पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि हिंसा का अर्थ है सर्व विनाश और हिंसा फैलाने वाले भी उस ज्वाला मैं स्वाहा हो जाएंगे फिर यह सब किसके लिए।
मुनि कमलेश ने बताया कि विश्व का कोई भी धर्म हिंसा की इजाजत नहीं देता हिंसा धर्म पर कलंक और मानवता के लिए अभिशाप है अहिंसा की महाशक्ति ही विश्व को विनाश से बचा सकती हैं।
राष्ट्र संत ने कहा कि दूसरों की रक्षा में ही हमारी रक्षा निहित है प्रकृति की रक्षा नहीं करेंगे तो हम भी जिंदे नहीं रहेंगे युद्ध कोई समस्या का हल नहीं है। जैन संत ने कहा कि जितनी खून की नदियां धर्म के नाम पर बहाई गई उतनी किसी और के नाम पर नहीं बारूद के ढेर पर बैठकर शांति की कल्पना करना अज्ञानता है।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के कार्यकर्ता डॉ हर्ष रूपेश जैन ने काह की मन में उठने वाली हिंसा की तरंगे स्वयं के सद्गुणों को नष्ट करती है असाध्य रोगों का शिकार बनती है गुरुदेव श्री सुरेश मुनि जी शास्त्री मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।