


रतलाम। म.प्र. शासन उच्च शिक्षा विभाग मंत्रालय के आदेश क्र./1074-2153589-2024-38-2 भोपाल दिनांक 12.07.2024 के अनुसार पं. डॉ. शिवशक्तिलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय, बंजली में गुरु पूर्णिमा का दो दिवसीय उत्सव उत्साहपूर्वक हर्षोल्लास के साथ दिनांक 21.07.2024 एवं 22.07.2024 को मनाया गया।
कार्यक्रम के दोनो दिवस के मुख्य अतिथि के रुप में डॉ. श्यामलाल जी शर्मा, पूर्व संयुक्त संचालक आयुष, म.प्र. शासन थे, एवं विशिष्ठ अतिथि संचालक प्रतिनिधि श्री योगेन्द्र पुरी गोस्वामी एवं अध्यक्षता डॉ. पुष्पेन्द्र कुमार पाण्ड्ेय ने की एवं कार्यक्रम का संचालन प्राचार्य डॉ. प्रो. पुष्पेन्द्र कुमार पाण्ड्ेय के मार्गदर्शन में हुआ।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस सर्वप्रथम अतिथि महोदय द्वारा उत्सव का दीप प्रज्जवलन गुरु वंदन कर प्रारंभ किया गया एवं अतिथि परीचय संस्था परीचय प्राचार्य द्वारा दिया गया, तत्पश्चात् विद्यार्थियों द्वारा गुरुजनो का सम्मान एवं पुष्प अर्पण किया गया। दो दिवसीय कार्यक्रम में गुरु-शिष्य भारतीय परंपरा में गुरु-शिष्य संबंधों की महत्ता पर चर्चा करते हुए एवं शिक्षा में नैतिकता के बिंदुओं का अनुसरण करते हुए सांस्कृतिक क्रियाकलापों की सुसज्जित तरीके से विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुति दी गई साथ ही योग और ध्यान की महत्ता को बढावा देते हुए सभी शिक्षकजन व विद्यार्थियों द्वारा अग्रेषित किया।
कार्यक्रम के मध्य विश्वविद्यालयीन बी.ए.एम.एस. तृतीय वर्ष परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा चेतना शर्मा व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र प्रखर पाण्डे्य को सम्मानपूर्वक पुरस्कार प्रदान किया। महाविद्यालयीन प्रथव वर्ष की आंतरिक परीक्षा में प्रथम स्थान बलराम सोलंकी व द्वितीय स्थान अर्चना गागे को प्राप्त करने पर सम्मानपूर्वक पुरस्कार प्रदान किये।
कार्यक्रम का संचालन सांस्कृतिक प्रभारी डॉ. आस्था वर्मा के निर्देशानुसार विद्यार्थियों द्वारा किया गया जिसमें प्रथम दिवस का संचालन सृष्टि त्रिपाठी, सेजल कास्बे, कृतिका कुमावत व द्वितीय दिवस का संचालन याशी गेहलोत, काजल व्यास, साक्षी वाणी, प्रथम जैन द्वारा किया गया।
अतिथि के उद्बोदन के पश्चात् प्राचार्य डॉ. पुष्पेन्द्र कुमार पाण्ड्ेय द्वारा महाविद्यालय का दृष्टिकोण एवं आगामी भविष्यकालीन रुपरेखा पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अतं में आभार प्रोफेसर डॉ. संजय काम्बले ने माना। कार्यक्रम में समस्त शिक्षको एवं विद्यालयीन कर्मचारियों की उपस्थिति रही।