राज्य पेंशनरों ने सरकार के प्रति आक्रोष व्यक्त करते हुए सीएम के नाम ज्ञापन रतलाम ग्रामीण विधायक को सौंपा

रतलाम। प्रदेश के 5 लाख पेंशनर्स की ज्वलंत मांगों का लगातार उपेक्षित किया जा रहा है। इससे पेंशनर्स एवं पेंशनर्स परिवार सरकार के प्रति क्षुब्ध हो रहे है। 10 माह से 4 प्रतिशत महंगाई राहत नहीं देकर आर्थिक प्रताडऩा का सामना करना पड़ रहा है। अन्य न्यायोचित मांगों को लेकर प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन म.प्र. के प्रांतीय आह्वान पर क्षेत्रीय विधायक रतलाम ग्रामीण मथुरालाल डामोर को पेंशनरों ने ज्ञापन निज सहायक अनिल पांचाल को सौंपा। ज्ञापन देने के पूर्व पेंशनरों ने रोष प्रकट करते हुए जोरदार नारेबाजी की।
ज्ञापन का वाचन अध्यक्ष कीर्ति कुमार शर्मा द्वारा करते हुए संरक्षक वेणी माधव द्विवेदी, कार्यकारी अध्यक्ष एम.एल. भट्ट, सचिव एम.एल. नगावत, कोषाध्यक्ष प्रेम बेनावत, प्रवक्ता प्रमोद व्होरा, गीता राठौर, रणजीतसिंह राठौर, उच्छवलाल साल्वी, के.एल. भाटी, सतीशचंद्र दय्या, जयवंत गुप्ते, ए.एन. कुरैशी, अरुण कुमार क्षीरसागर, कृष्णसिंह राठौर, हरिशंकर चौहान, जे.एल. मोहिल, एम.एल. वर्मा, कल्लू खां, एस.के. मिश्रा, उमेश कुमार यति, निर्मला नलवड़े, एफ.एम. मंसूरी, विजयसिंह सिसौदिया, पी.डी. वैष्णव, दुर्गेश सुरोलिया, हरिश कुमार बिंदल, यशवंत जेठानिया, डी.डी. गोठवाल, जी.एस. राठौर, ओमप्रकाश पोरवाल पिपलौदा, भारतसिंह सोनगरा, के.एल. दईया, मंगला सोनगरा, रवि कुमार भार्गव, पेंशनर्स साथियों की उपस्थिति में ज्ञापन सौंपा।
प्रमुख मांगे : चार प्रतिशत महंगाई राहत 1 जनवरी 2024 से शीघ्र दी जाए। म.प्र. छत्तीसगढ़ धारा 49 समाप्त की जाए। 79 वर्ष समाप्त होने पर 80 वर्ष प्रारंभ होते ही 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन दी जाए। वरिष्ठ नागरिकों को पूर्व की भांति रेल किराये में रियायत दी जाएं। समस्त शिक्षकों को अवकाश नगरीकरण का भुगतान किया जाए।

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