स्वामी विवेकानंद जी की जयंती युवा दिवस के अवसर पर जन अभियान परिषद द्वारा जिला स्तरीय व्याख्यान माला संपन्न

रतलाम । म.प्र. जन अभियान परिषद जिला रतलाम के द्वारा स्‍वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर उनके जीवन एवं विचारों के प्रचार – प्रसार हेतु जिला स्‍तरीय व्‍याख्‍यानमाला शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय रतलाम आयोजित की गई । कार्यक्रम का शुभांरभ अतिथियों के द्वारा भारतमाता एवं स्वामी विवेकानंद जी के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन और वन्देमातरम गान के साथ हुआ ।
कार्यक्रम के मुख्‍यातिथि कांचीपुरम श्रृंगेरी मठ के दंडी स्वामी संत श्री श्री 1008 आत्‍मानंद जी महाराज, शासकीय कला एवं विज्ञान महाविधालय जनभागीदारी समिति अध्‍यक्ष श्री विनोद करमचंदानी, विशेष अतिथि मोटिवेशनल स्‍पीकर एवं गायत्री परिवार से श्री विकास सेहवाल, पंतजलि युवा भारत के जिला प्रभारी श्री विशाल वर्मा, प्रजापिता ब्रहाकुमारी से सुश्री बी.के.सीमा दीदी, नेहरू युवा केन्‍द्र के जिला युवा अधिकारी श्री सौरभ श्रीवास्‍तव उपस्थित रहे,कार्यक्रम की अध्‍यक्षता म.प्र. जन अभियान परिषद के जिला समन्‍वयक रत्‍नेश विजयवर्गीय के द्वारा की गयी।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए जिला समन्वयक श्री रत्‍नेश विजयवर्गीय ने कार्यक्रम की रूपरेखा, अतिथियों का परिचय व स्‍वागत भाषण दिया। पतंजलि भारत युवा स्वाभिमान ट्रस्ट के श्री विशाल वर्मा ने योग से निरोग रहने का आव्हान युवाओं से किया ।
गायत्री परिवार के मोटिवेशनल स्पीकर श्री विकास शैवाल ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन परिचय को प्रस्तुत कर स्वामी विवेकानन्द के व्यक्तिगत और सामाजिक विकास के स्तंभों के रूप में आत्मविश्वास, आत्म-अनुशासन और निस्वार्थ सेवा के महत्व पर जोर दिया। प्रजापति ब्रह्माकुमारी से सुश्री सीमा दीदी ने संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी द्वारा युवाओं के लिए किए जा रहे कार्यों की महत्ता का उल्लेख किया इन्होंने व्यक्ति की इच्छा शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि यही विवेकानंद जी का ध्येय था ।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के जन भागीदारी समिति अध्यक्ष श्री विनोद करमचंदानी ने युवाओं से सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ने का आव्हान किया उन्होंने इस बात का विशेष उल्लेख किया की आज के आधुनिक समय मे विवेकानंद जी के विचारों से प्रेरणा लेकर सर्वाधिक युवा आबादी वाले भारत देश को पुन: विश्‍व गुरू बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के मुख्‍यातिथि कांचीपुरम श्रृंगेरी मठ के दंडी स्वामी के संत श्री श्री 1008 आत्मानंद जी महाराज ने युवाओं को संबोधित करते हुए शिकागो में स्वामी विवेकानंद जी के महान उद्बोधन को रेखंकित किया जो आज विश्व इतिहास में विश्व बंधुत्व के लियें याद किया जाता है, भारतीय दर्शन को उन्होंने विश्व के सम्मुख रखा संपूर्ण दुनिया आज स्वामी विवेकानंद के विचारों को जानती है उन्होंने आज संपूर्ण विश्व को स्वामी विवेकानंद जी के पद चिन्हों पर चलने की बात कही ।
कार्यक्रम के शुभारंभ में सभी को सूर्य नमस्‍कार कराया गया ।
प्रयाग राज कुंभ हेतु प्रस्थान पर संत श्री श्री 1008 आत्मानंद जी महाराज का शॉल श्रीफल प्रदान कर सम्मान किया गया कार्यक्रम का संचालन विकासखंड समन्वयक श्री शैलेंद्र सिंह सोलंकी ने किया तथा आभार परामर्शदाता राजेश सोलंकी ने माना , जिला स्तरीय व्याख्यानमाला के अवसर पर लेखापाल सहलिपिक श्री महावीर दास बैरागी, परमानंद सिसौदिया, विजयेश राठौड, नवांकुर संस्‍था श्री ओमप्रकाश पाटीदार, सामाजिक कार्यकर्ता, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के विद्यार्थी, नवांकुर एवं प्रस्फुटन समिति के सदस्य,मेंटर्स आद‍ि उपस्थित रहे ।

Play sound