प्रवेश पर पौधा लगाया , प्रस्थान पर पेड़ सौंप कर जाएंगी

कन्या शिक्षा परिसर में “मेरा पौधा- मेरा कल” अभियान के चौथे साल 70 पौधे रोपे

रतलाम। पी.एम. श्री माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर रतलाम में वातावरण को स्वस्थ एवं हरा-भरा रखने तथा विद्यार्थियों को पर्यावरण शिक्षा प्रायोगिक रूप से प्रदान करने के उद्देश्य से “मेरा पौधा- मेरा कल” अभियान विगत चार वर्षों से लगातार जारी है। जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत संचालित विद्यालयों में प्रदेश स्तरीय यह अभिनव नवाचार है । इस अभियान के अंतर्गत कक्षा छठी में प्रवेश लेने वाली बालिका प्रवेश के समय एक पौधा लगाती है, क्योंकि यह आवासीय परिसर है , इसलिए बालिका 6 वर्ष तक इस पौधे की स्वयं देखभाल करती है और जब 12वीं उत्तीर्ण कर यहां से प्रस्थान करती है तो पेड़ का रूप ले चुके पौधे को बालिका इस संस्थान को भेंट कर जाती है। पौधा उस बालिका के नाम पर ही रहता है। जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त श्रीमती प्रियंका राय के मार्गदर्शन में इस वर्ष कक्षा 6 में प्रवेशित सत्तर बालिकाओं ने पौधरोपण किया। इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षाविद् श्री राजेन्द्र पुष्पद एवं श्री के.के. पचौरी ने छात्राओं के साथ पौधरोपण कर इस अभियान के सफल होने तथा इससे कन्या शिक्षा परिसर रतलाम की पहल प्रदेश स्तर तक पहुंचाने की कामना व्यक्त की । इस वर्ष पौधरोपण अभियान में नगर निगम रतलाम की सक्रिय भागीदारी रही।

हर बालिका के नाम से पहचाना जाता है पौधा

संस्था के प्राचार्य श्री गणतंत्र मेहता ने बताया कि यह अभियान सिर्फ पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों को उनके पर्यावरण के प्रति दायित्व से जोड़ने का अभियान भी है । यहां कक्षा 6 में प्रवेश होने वाली प्रत्येक बालिका प्रवेश के समय एक पौधा लगाती है। पौधे पर उसी के नाम की तख्ती लगाई जाती है।यह पर्यावरण प्रबंधन और प्रकृति से बच्चों को परिचित कराने तथा पर्यावरण को सुरक्षित रखने की एक अभिनव पहल है ।
बालिकाओं द्वारा यह संदेश दिया जा रहा कि अपने कल को यदि सुरक्षित रखना है तो अपने जीवन में कम से कम एक पौधे को सुरक्षित रखना ज़रूरी है।

दो सौ से अधिक पौधे बन रहे हैं पेड़

इस योजना के अंतर्गत कन्या शिक्षा परिसर रतलाम में प्रतिवर्ष प्रवेश लेने वाली 70 बालिकाओं द्वारा सत्र प्रारंभ होने पर एक पौधा लगाया जाता है।अब तक दो सौ से अधिक पौधे लगाए गए हैं जो सभी जीवित हैं। उन्होंने बताया कि पौधों को पानी देना , उनकी सुरक्षा करना आदि दायित्व बालिकाओं द्वारा ही किया जाता है। यह उनके शैक्षणिक आंतरिक मूल्यांकन का एक आधार भी बनता है ।पौधरोपण संस्था परिसर में ही किया जाता है। परिसर पूर्णतः सुरक्षित है। जो पौधा कक्षा 6 की बालिका द्वारा लगाया जा रहा है उसकी देखभाल में अन्य सभी बालिकाएं सहायता करती हैं और इस कार्य के लिए सहयोग भी करती हैं ।प्रत्येक बालिका को एक डायरी भी प्रदान की गई है, जिसमें वह पौधे में होने वाली वृद्धि को अंकित करती है। डायरी में पौधे का वर्णन, इसके लाभ और उपयोग भी दर्शाया जाता है। शिक्षकों द्वारा इस पुस्तिका की निरंतर जांच की जाती है ताकि बालिकाओं द्वारा दर्ज़ की जा रही जानकारी के अनुसार उन्हें मार्गदर्शन दिया जा सके ।

बायोडायवर्सिटी और बॉटनिकल गार्डन भी तैयार हुआ

श्री मेहता ने बताया कि विद्यालय परिसर में उपलब्ध स्थान को हरा-भरा करने के उद्देश्य से यह पहल अभिनव साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष विभिन्न प्रजातियों के पौधे परिसर में रोपे गए हैं । इस अभियान के अंतर्गत एक बायोडायवर्सिटी गार्डन और एक बॉटनिकल गार्डन विकसित किया है । यह बालिकाओं के अध्ययन में भी सहायक हो रहा है। विज्ञान की बालिकाओं को जैव विविधता के संबंध में और वनस्पति विज्ञान की जानकारियों को प्रायोगिक रूप से समझने में यह उद्यान सहायता मिलती है। उन्होंने बताया कि परिसर में प्रतिवर्ष सत्तर पौधों का रोपण और उन्हें संभालने के प्रति विद्यार्थियों का समर्पण इस संस्थान में सहभागिता और जागरूकता को रेखांकित कर रहा है। पौधरोपण अवसर पर संस्था के शिक्षकगण, विद्यार्थी मौजूद थे।

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