कृषि भूमि पर नंदन फलोउद्यान (मनरेगा) के तहत फलों का बगीचा लगाने संबंधी आवेदन को जनपद पंचायत, जावरा स्वीकृति हेतु भेजने के लिए रिश्वत लेने वाले तत्कालीन सचिव जगदीश पांचाल को 04 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 2000 रू. के अर्थदण्ड से दण्डित किया

रतलाम । विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त उज्जैन के विशेष प्रकरण क्रमांक 06/2023 में माननीय विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) श्रीमान् आदित्य रावत द्वारा दिनांक 25.01.2025 को पारित अपने निर्णय में आरोपी जगदीश पांचाल पिता श्री परमानन्द पांचाल, उम्र 51 वर्ष, सचिव ग्राम पंचायत सुखेडा तहसील पिपलौदा जिला रतलाम को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 में दोषसिद्ध पाते हुऐ 04 वर्ष के सश्रम कारावास तथा राशि 2000/- रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित कर आरोपी को जेल भेजा गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री कृष्णकांत चोहान द्वारा की गई।
प्रभारी जिला अभियोजन अधिकारी जिला रतलाम श्री गोल्डन राय के द्वारा बताया गया कि दिनांक 23.07.2021 को आवेदक शंकरलाल मालवीय ने लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन में उपस्थिति होकर एक लिखित शिकायत आवेदन पत्र इस आशय का प्रस्तुत किया कि उसकी स्वयं की कृषि भूमि सर्वे नं 2335 ग्राम सुखेडा तहसील पिपलौदा जिला रतलाम में स्थित है। उक्त कृषि भूमि में से 01 बीघा में नंदन फलोउघान (मनेरगा) के तहत जामफल एवं नीबू का बगीचा लगाना चाहता है। जिसका आवेदन उसने सचिव जगदीश पांचाल, ग्राम पंचायत सुखेडा, जिला रतलाम को आठ-दस महीने पहले दिया है। जो आज तक आवेदन पत्र मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पिपलौदा जिला रतलाम को नहीं भेजा आवेदन सचिव ने अपने पास ही रखा है। उसका आवेदन पत्र कंप्लीट कर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, पिपलौदा, जिला रतलाम को भेजने के लिए सचिव जगदीश पांचाल उससे 5,000/-रूपए की रिश्वत की मांग की थी। आवेदक शंकरलाल मालवीय द्वारा दिए गए आवेदन पर उप पुलिस अधीक्षक रबीन्द्र पाराशर, विपुस्था लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन ने रिश्वत की मांग की जाने की पुष्टि की जाने के लिए आवेदक को रिश्वत संबंधी वार्तालाप को गोपनीय रूप से रिकॉर्ड करने के लिए शासकीय डिजिटल वाईस रिकॉर्डर दिया तथा आरोपी जगदीश पांचाल और आवेदक शंकरलाल मालवीय के मध्य हुई रिश्वत संबंधी बातचीत की रिकॉर्डिंग कराई गई। रिश्वत संबंधी बातचीत के दौरान आरोपी जगदीश पांचाल ने कहा कि राशि रूपए 3,000/- रिश्वत संबंधी वार्ता के दौरान उसी समय ले लिए और शेष 2,000/- रूपए दो-तीन दिन में लेकर बुलाया है।
तत्पश्चात रिश्वत की मांग प्रमाणित पाए जाने पर, विधिवत ट्रैप कार्यवाही दिनांक 26.07.2021 को आरोपी के पिपलौदा स्थित उसके निजी कार्यालय से आरोपी जगदीश पांचाल को आवेदक शंकरलाल मालवीय से 2,000/- रूपए रिश्वत लेते हुऐ लोकायुक्त के निरीक्षक रबीन्द्र पाराशर के द्वारा ट्रेप किया गया। आवेदक शंकरलाल मालवीय ने निरीक्षक रबीन्द्र पाराशर को बताया कि उसने रिश्वत के रूपये आरोपी जगदीश पाचांल, तत्कालीन सचिव, ग्राम पंचायत सुखेडा के मांगने पर उसने रिश्वत की राशि उसके हाथ में दिये है, जो उसने अपने सामने टेबल पर रख दिए। निरीक्षक रबीन्द्र पाराशर ने विज्ञप्त पंच साक्षी पवन कुमार खरे से कहा कि वे आरोपी जगदीश पांचाल, ग्राम पंचायत सुखेडा से पूछे कि आवेदक शंकरलाल मालवीय से ली रिश्वत राशि कहा रखी है तो आरोपी जगदीश पांचाल द्वारा बताया गया कि शंकरलाल मालवीय से 2000/- रूपए अपने हाथों में लेकर अपनी टेबल पर रखे है। इसके बाद विज्ञप्त पंच पवन कुमार खरे ने आरोपी जगदीश पांचाल के सामने रखी टेबल पर रखे रिश्वत के रूपए उठाये और गिने तो 500-500 रूपए 04 नोट कुल 2000/- रूपए निकले।
इन करेंसी नोटो के नंबरों का मिलान किए जाने पर ये नोट वही नोट पाए गए, जो लोकायुक्त कार्यालय में फिनाफ्थीलीन पावडर लगाकर आवेदक शंकरलाल मालवीय की जेब में रखवाए गए थे। मौके पर आरोपी जगदीश पांचाल के हाथों को सोडियम कार्बोनेट पाउडर के घोल में धुलवाया गया तो घोल का रंग गुलाबी हो गया। एफ.एस.एल. द्वारा रासायनिक परीक्षण में आरोपी के हाथ धुलवाने के घोल और उसकी टेबल जहां रिश्वत की राशि रखी गई थी के पोछन के घोल में फिनाफ्थलीन का परीक्षण धनात्मक पाया था।
विवेचना में अपराध प्रमाणित पाए जाने पर आरोपी के विरूद्ध अभियोजन स्वीकृति प्राप्त कर विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन द्वारा आरोपी के विरुद्ध अभियोग पत्र विशेष न्यायालय रतलाम में दिनांक 28.06.2022 को अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया था। जिसमें विचारण उपरांत विशेष न्यायालय रतलाम द्वारा जगदीश पांचाल, उम्र 51 वर्ष, सचिव ग्राम पंचायत सुखेडा तहसील पिपलौदा जिला रतलाम को दोषसिद्ध किया गया। शासन की ओर से प्रकरण में पैरवी श्री कृष्णकांत चोहान, विशेष लोक अभियोजक (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) के द्वारा की गई है।

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