

रतलाम, 01 अगस्त। पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन, रतलाम मंडल की अध्यक्षा डॉ. श्रीमती अर्चना शर्मा एवं संगठन की अन्य सदस्याओं की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में रेलवे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रतलाम में विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ के लिए ‘योगिक दृष्टि’ विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य वर्तमान समय में बढ़ते डिजिटल उपकरणों के उपयोग के बीच आंखों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा योग के माध्यम से शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाना था।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार कार्यशाला में योग साधक श्री राजीव श्रीवास्तव ने योगिक दृष्टि की अवधारणा पर विस्तार से जानकारी देते हुए आंखों को स्वस्थ रखने के लिए विभिन्न योगिक अभ्यासों का प्रशिक्षण प्रदान किया। इस दौरान प्रतिभागियों को यौगिक सूक्ष्म व्यायाम, योग मुद्राएं, जल नेति, त्राटक, चंद्रभेदी प्राणायाम एवं ध्यान का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।
वर्तमान समय में प्रत्येक आयु वर्ग, विशेषकर विद्यार्थियों के लिए इन योगिक क्रियाओं का नियमित अभ्यास अत्यंत लाभकारी है। लंबे समय तक कंप्यूटर एवं अन्य डिजिटल उपकरणों पर कार्य करने वाले लोगों के लिए यह अभ्यास आंखों की थकान दूर करने, आंखों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने तथा दृष्टि संबंधी समस्याओं से बचाव में प्रभावी है।
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि नियमित अभ्यास से एकाग्रता में वृद्धि होती है, केंद्रीय निर्धारण क्षमता एवं परिधीय दृष्टि का विकास होता है। निकट दृष्टि एवं दूर दृष्टि संबंधी समस्याओं में भी लाभ मिलता है। साथ ही पढ़ने की क्षमता में सुधार, मानसिक तनाव के प्रबंधन तथा समग्र शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के संवर्धन में भी यह अत्यंत उपयोगी सिद्ध होता है।
विद्यालय के प्राचार्य श्री जयदेव गोस्वामी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में विद्यालय के समस्त शिक्षक, शिक्षिकाओं, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों ने योगिक दृष्टि से जुड़े अभ्यासों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प भी लिया।
पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा डॉ. श्रीमती अर्चना शर्मा ने कहा कि स्वस्थ आंखें, स्वस्थ मन और स्वस्थ शरीर के लिए योग एक प्रभावी माध्यम है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को भी सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।