
पुणे महावीर गुरु गणेश बाबू मुनि गौशाला । मानव का प्राण सृष्टि का आधार और धर्म का श्रृंगार है प्रकृति जिसके बिना कोई भी कल्पना नहीं कर सकते उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने महावीर गुरु गणेश बाबू मुनि गौशाला उद्घाटन समारोह को संबोधित करते कहा कि पशु धन का कोई विकल्प नहीं है जो हीरे माणक मोती से कीमती है ।
उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक संस्कृति में पशु का योगदान ऑक्सीजन से महत्वपूर्ण है स्वास्थ्य के रामबाण औषधि के समान है । मुनि कमलेश बताया कि हर धर्मस्थल के साथ एक गौशाला होनी चाहिए ताकि पूजा पाठ प्रसाद में शुद्ध वस्तु का उपयोग हो सकता है। राष्ट्र संत ने कहा कि पशुधन नहीं बचा तो यूरिया के दूध से भगवान का प्रक्षालन होगा, नकली घी से दीप जलेंगे, आस्था तार तार हो जाएगी ।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली महिला शाखा महाराष्ट्र प्रेम बहन बोहरा ने कहा कि गुरुदेव कमल मुनि जी की जयंती पर उनकी प्रेरणा से सीगणापुर कलंब जिला यवतमाल महाराष्ट्र में महावीर गुरु गणेश बाबू मुनि गौशाला आज के दिन उद्घाटन हो गया है । भारत के के बड़े 25 संगठन एक-एक दिन हमेशा राष्ट्र संत की जयंती अपने-अपने ढंग से दिवाकर मंच के नेतृत्व में मना रहे हैं वह सब बधाई के पात्र हैं।