
पुणे शिवाजी नगर । किसी के काम को देखकर आलोचना करने की बजाय उसके सामने उससे ज्यादा सुंदर काम करके आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने संबोधित करते हुए कहा कि अपनी शक्ति ऊर्जा समय और धन सकारात्मक रचनात्मक कार्य में लगाने से मानव जन्म सार्थक हो सकता है ।
उन्होंने कहा कि जो कुछ नहीं है करता है वही अपनी भड़ास निकालने के लिए आलोचना करता । राष्ट्रसंत ने बताया कि मुर्दे की कभी आलोचना नहीं होती जिसके आलोचना नहीं होती वह जिंदा मुर्दा है । कार्य करने वाला आलोचना की परवा नहीं करता है तभी मंजिल को प्राप्त करता है । जैन संत ने बताया कि आलोचना करने वाला हमारे कर्मों की निर्जरा करने में सबसे बड़ा सहयोगी हमारा परोपकारी है। अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली युवा शाखा निर्मल जैन ने बताया कि राष्ट्र संत कमल मुनि जी का 69 जन्मदिन जम्मू कश्मीर में सर्वधर्म सद्भाव के रूप में मनाया जा रहा है।