भ्रष्टाचारी जैन ट्रस्टियों और भू-माफियाओं की कहीं मिलीभगत तो नहीं ?
आखिर क्यों प्राचीन मूतिर्यो का किया गया विस्थापन ?
मूर्तियों के नाम पर कहीं व्यापार तो नहीं ?

मुंबई (अभय सुराणा) । ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुंडिया ने गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल से पत्र लिखकर सवाल किया है कि अहमबाद के गोमतीपुर के विस्तार में राजपुर के अति प्राचीन मंदिर से परमात्मा की मूर्ति अपमानजनक तरीके से दूसरी जगह लेकर जाना कितना सही है ? इस मामले को संज्ञान में लिया जाय।गौरतलब है कि यहाँ मंदिर के आस-पास मुस्लिम बस्ती ज़्यादा है, ये बताकर मूर्तियाँ अहमदाबाद के शीलज के मंदिर में स्थापित किये जाने का मामला सामने आया है। हार्दिक हुंडिया ने कहा है कि, भूपेंद्र जी आप के शासन में कभी भी हिंदू मुस्लिम दंगा नहीं हुआ है। विश्व के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है की मुस्लिम औरते भी भगवान को ना ले जाने के लिये बाहर आई है, जब की उनमे तो मूर्ति पूजा है भी नहीं ! इतना प्राचीन दादा का मंदिर, आस पास मुस्लिम बस्ती, फिर भी आज तक कोई ऐसी घटना नहीं घटी है जिस से हम ये कह सके की हमारा मंदिर सुरक्षित नहीं है। बल्कि सीएम भूपेन्द्र पटेल के शासन में इस संवेदनशील क्षेत्र में भी जबरजस्त भाई चारा का संदेश विश्व में जा रहा है, वहाँ से दादा को लेके जाना कितना उचित है? वो भी आप की सरकार में ? कुछ लोगों की दलील है की भगवान की पूजा करने वाले लोग बहुत कम है? उनको हार्दिक हुंडिया की दो हाथ जोड़ के बिनती है की भारत में कई ऐसे मंदिर है जो कुछ जैन साधु और उनके प्राइवेट ट्रस्टी ने मिलकर बनाये है, वहाँ पूजा तो छोड़ो कई बार तो दर्शन करने वाले भी नहीं होते है ? वहाँ से भगवान को क्यों नहीं लाया गया ? अचानक दादा के ये प्राचीन तीर्थ की भगवान की मूर्तिया क्यों लेके गये ? हार्दिक हुंडिया ने सीएम पटेल से निवेदन किया है कि दादा की मूर्तिया पुन: गोमती पुर के राजपुर के अति प्राचीन मंदिर में वापस लाया जाय। आप के सुशासन में हिंदू मुस्लिम जहाँ एकता की अनमोल मिसाल है वो कायम रहे। परमात्मा की मूर्तियाँ जिस तरह से तोड़कर, गाड़ी में कैसे प्रतिमा को लेकर गए वो भी जाँच का विषय है। आपके राज्य में सुशासन था, है और रहेगा इसका एक अनमोल उदाहरण देश के सामने रखें। परम कृपालु परमात्मा की मूर्ति का अपमान करने वाले पर भी कार्यवाही करें और ये बात स्पष्ट होना चाहिये कि यहीं से मूर्तिया लेकर जाने का कारण क्या ? कौन कौन इनसे मिले हुये है इनकी भी जाँच आप करायेंगे तो दूध का दूध पानी का पानी निकल जायेगा।