जावरा (अभय सुराणा) । वर्तमान त्रिस्तुतिक श्रीसंघ के नायक, गच्छाधिपति आचार्य देवेश श्रीमद्विजय हितेशचंद्र सूरीश्वर जी म सा आचार्य पदवीं आरोहण के पश्चात निरन्तर सूरी मंत्र की आरधना कर रहे है। आचार्य पदवीं की 5 पीठिका में से द्वितीय पीठिका की 14 दिवसीय मोन आराधना पूज्य श्री द्वारा 13 फरवरी से श्री राजेन्द्र सूरी जैन दादावाड़ी ध्यान मंदिर में प्रारम्भ हुई। सुरिमंत्र आराधना की पूर्णाहुति दिनाँक 26 फरवरी 2025 को प्रातः होंगी। पूर्णाहुति के पावन अवसर पर प्रातः 9 बजे आचार्य श्री को समारोह पूर्वक साधना स्थल से जैन दादावाड़ी मांगिलक परिसर में सभा स्थल तक ले जाया जावेगा। तत्पश्चात प्रातः 9. 30 बजे आचार्य श्री के सुरिमंत्र आरधना का पूर्णाहूति समारोह प्रारम्भ होगा, जिसमे आचार्य श्री द्वारा महा मांगलिक प्रदान करेंगे साथ ही विभिन्न संघो द्वारा 2025 के चातुर्मास की विनंती की जावेगी, लाभार्थियों का बहुमान भी होगा। साथ विभिन्न चढ़ावे भी बोले जावेंगे। इस अवसर पर मुम्बई, भीनमाल, आहोर, बेंगलोर, हैदराबाद ,श्री मोहनखेड़ा तीर्थ के ट्रस्टी के साथ मप्र के श्रद्धालु भी पधार रहे।
श्रीसंघ जावरा के कार्यकारी अध्यक्ष प्रकाश चोरडिया, कोषाध्यक्ष विनोद वरमेचा, उपाध्यक्ष राजेन्द्र राठौड़, अभय चोपड़ा, महेंद्र ओरा, दादावाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष के एल सकलेचा, मंत्री महेंद्र गोखरु, उपाध्यक्ष चंदनमल कोठारी, कोषाध्यक्ष सरदारमल लोढ़ा, अजय सकलेचा,भूपेंद्र रुणवाल मोतीलाल चपडोद, जितेंद्र संचेती, पीयूष चपडोद, मनीष मेहता, भावेश हरण, राजेश संघवी,जय छाजेड़ ने सभी गुरु भक्तों से कार्यक्रम में पधारने का निवेदन करते हुवे कहा कि आपका आगमन हमारे लिये शासन की गरिमा का परिचय प्रदान करने वाला होगा।
उक्त जानकारी देते हुवे त्रिस्तुतिक श्रीसंघ के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल चोपड़ा ने बताया कि जावरा की पुण्य वंत धरा पर नगर के इतिहास में किसी जैनाचार्य द्वारा सर्व प्रथम बार सूरी मंत्र आराधना का आयोजन किया गया है साथ ही इस अवसर पर प्रसिद्ध विधी कारक रत्नेश जैन इन्दोर,हेमंत वेदमूथा मक्सी, संगीतमय भक्ति हेतु चिराग चोपड़ा जावरा, के साथ साथी कलाकार भी पधारेंगे।