रतलाम। मध्यप्रदेश पेंशनर्स समाज रतलाम की मासिक बैठक 2 मार्च रविवार को श्री गुजराती समाज उमा विद्यालय परिसर में सम्पन्न हुई। पूर्वानुसार सभी सदस्यों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा पेंशनरों की उपेक्षा और विभिन्न पेंशनर संगठनों द्वारा अनेकों ज्ञापन दिए जाने के बाद भी मुख्यमंत्री द्वारा पेंशनरों की मांगों के संबंध में कुछ भी नहीं बोलने पर अफसोस एवं आक्रोश व्यक्त किया।
इस आक्रोश भरे माहौल में एक सदस्य ने अपने संबोधन में प्रदेश के सभी पेंशनर संगठनों द्वारा ‘अपनी ढफली अपना राग’ की तर्ज पर पेंशनरों की मांगों के लिए अलग-अलग संघर्ष एवं प्रदर्शन किया जा रहा है। जिसके परिणाम सबके सामने हैं। सदस्य का सुझाव था कि सभी पेंशनर संगठन अपने मतभेद और अहम् भुलाकर एक जाजम पर आकर सामूहिक रूप से एक मंच से पेंशनरों की मांगों को रखते हुए भोपाल में एक जोरदार प्रदर्शन कर सरकार पर पेंशनरों की मांगों को मानने का दबाव बनावें। इस सुझाव का उपस्थित सभी सदस्यों ने समर्थन कर सभी पेंशनर संगठनों से एक होकर संयुक्त संघर्ष करने की मांग की।
समाज के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र छाजेड़ ने बैठक में हुई चर्चाओं की जानकारी प्रेस को जारी करते हुए सभी पेंशनर संगठनों के अध्यक्षों से आव्हान किया कि वे सारे अहम् भाव भूलकर पेंशनरों की लंबित मांगों के लिए संयुक्त रूप से संघर्ष करें।
बैठक में माह में जन्मदिवस वाले सदस्यों यथा श्री केके राजावत, बहादुरसिंह राठौर, पन्नालाल सोलंकी एवं सुभाष ओझा को संगठन की ओर से मणिमाला पहनाकर स्वागत के साथ साथियों द्वारा शुभकामना एवं बधाई दी गई। बैठक में सचिव बहादुरसिंह राठौर, कोषाध्यक्ष एन.के. मंडवारिया, एमएल सेठिया, बी सी सैनी, पन्नालाल सोलंकी, पुरुषोत्तम शर्मा सहित बड़ी संख्या में सदस्यगण उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन सुरेन्द्र छाजेड़ ने किया।