नेत्रम संस्था के प्रयासों से 2 घंटे में 2 नेत्रदान हुए परिजनों ने समाजहित में नेत्रदान की अनुमति प्रदान की

रतलाम । जीवन मे रहने के दौरान मानव सेवा करना और जीवन से चले जाने के बाद भी सेवा कार्य करने वाले बड़े ही विरले मिलते है ऐसे ही लोगो में शहर के दो परिवारों ने आदर्श उदाहरण पेश किया ।
पहला नेत्रदान दीनदयाल नगर निवासी ज्ञानमल दख की धर्मसहायिका श्रीमती फुलकुवर दख के असमायिक निधन पर शैलेन्द्र श्रीमाल करवड़ ने उनके पुत्र चंदन, निलेश, विनोद दख को माताजी के नेत्रदान (कार्निया) दान करने की प्रेरणा दी। परिजनों की स्वीकृति मिलने के पश्चात बडनगर गीता भवन न्यास को सूचित किया ।
दूसरा नेत्रदान हरदेवलाला पिपली निवासी मोहनलाल खंडेलवाल के असमायिक निधन के पश्चात हेमन्त मूणत, ने निखिल खंडेलवाल को पिताजी के नेत्रदान (कार्निया) दान करने की प्रेरणा दी।
परिजनों की सहमति मिलते ही संस्था द्वारा गीता भवन न्यास बडनगर को सूचित किया दोनो सूचना प्राप्त होते ही न्यास के ट्रस्टी एवम नेत्रदान प्रभारी डॉ जी एल ददरवाल, अपनी टीम के चंचल पाटीदार, परमानंद राठौर, मनीष तलाच के साथ बडनगर से रतलाम पहुचे और नेत्रदान की प्रक्रिया पुर्ण कर सफलतम नेत्रदान किया।
नेत्रदान के दौरान के हेमन्त मूणत,ओमप्रकाश अग्रवाल, गोविन्द काकानी, भगवान ढालवानी,शलभ अग्रवाल ,गिरधारी लाल वर्धानी ,मीनु माथुर ,गोपाल पतरा वाला मनीष खंडेलवाल, जितेन्द्र अग्रवाल, पियुष गर्ग,ने नेत्रदान प्रक्रिया संपन्न करवा कर परिजनों को प्रशस्ति पत्र भेट किया नेत्रम संस्था ने दख परिवार एवम खंडेलवाल परिवार का आभार व्यक्त किया है।

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