जिले के हजारों ऋणी किसानों को ऋण चुकाने की अंतिम तिथि बढ़ाकर सरकार राहत दे

रतलाम । समर्थन मूल्य पर किसानों द्वारा गेहूं का विक्रय करने हेतु पंजीयन कराया गया और 31 मार्च तक पंजीयन जारी है लेकिन समय पर स्लाट बुक नहीं होने के कारण किसान अपने गेहूं की फसल विक्रय नहीं कर पा रहा है ,इस कारण लिए गए ऋण की राशि निर्धारित दिनांक 28 मार्च तक चुकाने में असमर्थता महसूस कर रहा है ।
जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष अशोक जैन चौटाला ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मोहन जी यादव को ईमेल संदेश भेज कर किसानों की प्रमुख मांगों का उल्लेख करते हुए बताया कि किसानों द्वारा लिये गये ऋण की राशि समय पर चुकाने मे असमर्थ है।
जिले के 20 हजार से अधिक किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय हेतु पंजीयन कराया है लेकिन गेहूं विक्रय हेतु किसान स्लाट बुक करने का प्रयास कर रहे है लेकिन गिरदावरी एप पर भूमि का मूल्यांकन नही होने से स्लाट बुक नहीं हो रहे है। एसे पंजीकृत किसानों की संख्या 60% से अधिक है।
इस कारण छोटे किसान समय पर ऋण नही चुका पायेंगे। साथ ही सहकारी खरीद केन्द्रो का देरी से खुलना, मार्च माह मे अधिक शासकीय अवकाश से कृषि मंडियों का बंद रहना, गेहूं की फसल कई गांवों में कट रही है, लहसुन के भावों मे भारी गिरावट ,प्याज की फसल खेतों में होने आदि कई कारणों से जिले के हजारों छोटे किसान 28 मार्च 2025 तक ऋण चुकाने मे असमर्थ है। और वे कालातीत हो जायेंगे।
चोटाला ने किसानों की अन्य प्रमुख मांगों पर ध्यान दिलाते हुए मुख्यमंत्रीजी को बताया कि 2023 मे जिले के बड़ी संख्या मे किसान ब्याज माफी योजना मे पात्र होते हुए भी योजना के अचानक बंद होने से लाभ से वंचित रह गए उन्हें लाभ दिलाया जाए ताकि वे मुख्य धारा मे आ सके। किसान ऋण चुकाने की अंतिम तारीख 30 अप्रैल 2025 करने की मांग कर रहे है। आप सहानुभूतिपूर्वक विचार कर अंतिम तिथि एक माह बढ़ाने का आदेश प्रदान कर जिले के किसानों को राहत प्रदान कर उन्हें कालातीत होने से बचाये।
साथ ही जिन किसानों ने समय पर ऋण का भुगतान कर दिया है उन्हें खरीफ – रबी की फसल का ऋण एक साथ दिया जाये मुझे ज्ञात हुआ कि दुसरे जिलो मे खरीफ – रबी की फसल हेतु एक साथ ऋण दिया जा रहा है तो यह व्यवस्था रतलाम जिले मे भी की जाये।