श्रमिकों को न्यूनतम वेतन के देय एरियर्स का शीघ्र भुगतान किया जाएं

केन्द्रीय श्रमिक संगठन (सीटू) ने श्रमायुक्त के नाम दिया ज्ञापन

रतलाम। मध्यप्रदेश सरकार श्रमिकों के वैधानिक अधिकारों पर निरंतर कुठाराघात कर रही है। उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर के निर्णय अनुसार न्यूनतम वेतन पुनरीक्षण अधिनियम के प्रावधान अंतर्गत औद्योगिक श्रमिकों/कर्मचारियों को 1 अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 तक का एरियर्स का भुगतान किया जाना था जो नहीं किया गया। सरकार द्वारा श्रमिकों का शोषण किया जा रहा है।
यह बात सीटू अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि श्रमायुक्त इंदौर से ज्ञापन में मांग की गई है कि लाखों श्रमिकों/कर्मियों को वैधानिक रुप से एरियर्स भुगतान करना सुनिश्चित करें एवं श्रमिकों में उपज रहे असंतोष को दूर करें। इस बाबत श्रम विभाग द्वारा एरियर्स भुगतान करने का विशेष अभियान भी चलाए तो बेहतर होगा। ज्ञापन देते समय सीटू के कीर्ति कुमार शर्मा, एम.एल. नगावत, रणजीतसिंह राठौर, जितेन्द्रसिंह भूरिया, कला डामर आदि उपस्थित थे।

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