नेत्रम संस्था के प्रयासों से रतलाम में दो नेत्रदान, चार दृष्टिहीनों को मिलेगी नई रोशनी

रतलाम 07 जून 2025। मानव सेवा की सर्वोच्च अभिव्यक्ति परोपकार है, और जब यह सेवा किसी के जीवन के उपरांत भी जारी रहती है, तब वह समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन जाती है। इसी कड़ी में नेत्रम संस्था के प्रयासों से रतलाम शहर में दो दिवंगतजनों के परिजनों ने नेत्रदान कर चार दृष्टिहीनों को देखने की नई आशा दी है।

पहला नेत्रदान काट्जू नगर निवासी स्व. बसंतीलाल कोठारी की धर्मपत्नी श्रीमती विद्यादेवी कोठारी के निधन पर किया गया। उनके पुत्र श्री संजय कोठारी एवं श्री नवनीत कोठारी ने जनशक्ति संस्था के महेश खंडेलवाल व मांगूसिंह सोलंकी की प्रेरणा से यह नेक निर्णय लिया।

दूसरा नेत्रदान शहीद भगतसिंह नगर निवासी स्व. रामेश्वर परमार के सुपुत्र श्री राजेन्द्र प्रसाद परमार (चक्की वाला) के निधन के उपरांत किया गया। उनके पुत्र श्री सोनू परमार एवं श्री कपिल परमार ने मीनू माथुर व मांगूसिंह सोलंकी की प्रेरणा से यह महान कार्य करने का संकल्प लिया।जैसे ही परिजनों की सहमति प्राप्त हुई, नेत्रम संस्था द्वारा गीता भवन न्यास, बड़नगर को सूचित किया गया।

न्यास के ट्रस्टी व नेत्रदान प्रभारी डॉ. जी.एल. ददरवाल तथा ट्रस्टी उमाशंकर मेहता तुरंत रतलाम पहुंचे और नेत्रदान की प्रक्रिया को विधिपूर्वक पूर्ण किया। इस पुनीत कार्य के अवसर पर नेत्रम संस्था से हेमंत मूणत, ओमप्रकाश अग्रवाल, नवनीत मेहता, शलभ अग्रवाल, मीनू माथुर, भगवान ढलवानी, गिरधारीलाल वर्धानी, रजनीश पाटीदार, नीलेश पिरोदिया एवं संजय चौधरी उपस्थित रहे।नेत्रम संस्था द्वारा दोनों परिवारों को प्रशस्ति-पत्र भेंट कर उनकी समाजसेवी भावना और उदार निर्णय के लिए सम्मानित किया गया। यह पहल समाज में नेत्रदान के प्रति सकारात्मक जागरूकता को बढ़ावा देने का कार्य करेगी।