
रतलाम, 10 जून 2025 । विश्व नेत्रदान दिवस के पावन अवसर पर रतलाम शहर से एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है। शास्त्री नगर निवासी स्व. गंगाराम गंगवानी के सुपुत्र दयालदास गंगवानी के असामयिक निधन के बाद, उनके परिजनों — विशेष रूप से पुत्रियों- दामादों निशा पदम गोकलानी, तनुजा अंकित लालन ने एक साहसिक और मानवीय निर्णय लेते हुए नेत्रदान (कॉर्निया दान) की सहमति प्रदान की।
यह पुनीत कार्य नेत्रम संस्था की प्रेरणा और सहयोग से संपन्न हुआ, जिसमें संस्था के गिरधारीलाल वर्धानी और जन भागीदारी समिति अध्यक्ष विनोद करमचंदानी ने शोकाकुल परिवार को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया। संस्था के हेमन्त मूणत ने बताया कि परिवार की सहमति मिलने के पश्चात रतलाम मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अनीता मुथा को तुरंत सूचित किया गया।
डॉ. मुथा के निर्देश पर नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. रिशेन्द्र सिसोदिया के नेतृत्व में नर्सिंग ऑफिसर हैप्पी पीटर और भावना खन्ना ने राजेश भाभर के सहयोग से नेत्र संग्रहण की प्रक्रिया सफलता पूर्वक पूरी की। टीम को गंगवानी निवास तक लाने और पुनः मेडिकल कॉलेज पहुँचाने की व्यवस्था यशवंत पावेचा ने अपने निजी वाहन द्वारा की।
इस अवसर पर हेमन्त मूणत, शलभ अग्रवाल, ओमप्रकाश अग्रवाल, राकेश अग्रवाल (झंड़ीवाला)यशवंत पावेचा तथा अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
नेत्रम संस्था ने स्व. दयालदास गंगवानी के परिजनों — विशेष रूप से उनकी पुत्रियों और दामादों — के इस संवेदनशील और प्रेरणादायक निर्णय के लिए हृदय से आभार प्रकट किया है। यह नेत्रदान दो जरूरतमंद व्यक्तियों को नई रोशनी देगा और समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।
विशेष : यह नेत्रदान विश्व नेत्रदान दिवस (10 जून) के दिन हुआ, जिससे इसकी महत्ता और भी बढ़ गई है। यह समाज को यह संदेश देता है कि शोक की घड़ी में भी कोई परिवार कैसे दूसरों के जीवन में उजियारा भर सकता है।