पदाधिकारीयों की वाणी में वीणा की झंकार होना चाहिए- संघवी



जावरा (अभय सुराणा ) । श्री श्वेतांबर जैन वरिष्ठ सेवा समिति जावरा के नवीन संचालक मंडल एवं सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह शपथ अधिकारी श्री आनंदीलाल संघवी ने एक नए अंदाज में शपथ ग्रहण करवाई। इस अवसर पर उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि संस्था एक शरीर है अध्यक्ष उसका मस्तिष्क है सचिव उसके हाथ है कोषाध्यक्ष उसका हार्ट है संचालक मंडल के सदस्य उसकी नसें हैं और सारे सदस्य उसको जीवन देने वाले रक्त हैं ओर यदि रक्त का बहाव बराबर रहा तो शरीर सुंदर स्वस्थ और मजबूत रहेगा। यही सारी बातें संस्था पर भी लागू होती हैं। हमें संस्था के हर सकारात्मक कार्य में हर सदस्य को सहयोग की भावना से कार्य करना चाहिए इसके साथ उन्हें पदाधिकारीयों की और इशारा करते हुए कहा कि पदाधिकारीयों की वाणी में वीणा की झंकार होना चाहिए उनके विचारों में उत्साह होने से सदस्यों में उत्साह के संचार के भाव होना चाहिए उनके व्यवहार में सावन की फुहार क एहसास होना चाहिए। संघवी ने संचालक मंडल के साथ ही हाल में उपस्थित सभी दंपति सदस्य महानुभाव को भी इस बार अनोखे अंदाज में शपथ दिलवाई जिसका सभी ने करतल ध्वनि से स्वागत किया।
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष अभय सुराणा ने पिछले वर्ष में संस्था द्वारा किए गए कार्य की रूपरेखा प्रस्तुत करी और विशेष रूप से बताया कि समिति द्वारा अपनी स्थापना से लेकर गत वर्ष तक जीवदया के क्षेत्र में वह कार्य कीया जो पहले कभी नहीं हुआ और उसमें सभी सदस्यों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष सहयोग मुझे मिला है इसके साथ ही आगामी कार्य योजना की जानकारी देते हुए सुराणा ने बताया की इस वर्ष भी हम जो नियमित प्रोजेक्ट है वह तो करेंगे ही यानी साधर्मी सेवा, जीव दया, शिक्षा ,चिकित्सा के साथ ही सभी वरिष्ठ जनों के सीनियर सिटीजन कार्ड एक जावरा में वृहद स्तर पर केन्सर निवारण कैंप का आयोजन करने का भी निर्णय लिया है। और उसके लिए मुंबई से सुपर स्पेशलिस्ट के पूरी टीम में एवं सभी तरह की जांचे भी उसी वैन में होगी उसे बुलवाने का प्रयास किया जा रहा है। आपने बताया कि इस वर्ष हमने समाज की विधवा महिलाओं को भी नए स्लोगन के साथ उन्हें संस्था की मुख्य धारा से जुड़ने का तथा वह अपनी प्रतिभा को बाहर लाएं उन्हें अब हम विधवा नहीं वीरांगना कहकर उन्हें संबोधित करेंगे।
इस अवसर पर विशेष अतिथि डॉ सी एम मेहता ने संस्था द्वारा संचालित गतिविधियों के बारे में कहा कि मैंने नजदीक से सारी सेवा गतिविधियों को देखा है वास्तविकता में यह संगठन एवं इसके ऊर्जावान अध्यक्ष अभय सुराणा के नेतृत्व में इनके द्वारा की जा रही सेवा गतिविधियां वास्तविकता में सही है। आपने अपनी साहित्यिक भाषा में एवं काव्य पाठ से सभी का मन मोह लिया इस अवसर पर विशेष अतिथि नेमीचंद जैन ने भी अपनी शुभकामनाएं दी। समिति की सेवा गतिविधियों से प्रेरित होकर अशोक मेहता दिनेश सुराणा राजकुमार धोका महेंद्र कोलन समरथमल सुराणा एडवोकेट व देवेंद्र धारीवाल ने भी संस्था की सदस्यता ग्रहण की इन को शपथ अधिकारी ने शपथ दिलाई । कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती पुष्पा चपड़ोद के मंगलाचरण से हुआ श्रीमती चंचल पटवा ने प्रार्थना प्रस्तुत करी। अतिथियों ने भगवान महावीर के चित्र पर माल्यार्पण कर दीपक प्रज्वलित किया। अतिथियों का स्वागत संस्था के पूर्व अध्यक्ष बसंतीलाल चपड़ोद मनोहरलाल चपलोद नरेंद्र संघवी नगिन सकलेचा अनिल श्रीश्रीमाल अनिल धारीवाल सुरेश सुराना आदि ने किया संस्था के कोषाध्यक्ष नवीन सकलेचा ने अपना आय व्यय का विवरण प्रस्तुत किया जिसे सदन ने पास किया। रोचक प्रश्न मंच का संचालन अभय सुराणा ने किया तथा सही जवाब देने वाले सभी पुरुष महिलाओं को अभय भंडारी रामकली चाय वालों से प्राप्त पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर प्रथम बार विधवा नहीं वीरांगना के दिए वाक्य को सार्थक करने पर श्रीमती मधु जैन का श्रीमती रेखा सुराणा ने स्वागत किया। कार्यक्रम का सफल संचालन पुखराज पटवा ने किया।
इस अवसर पर संस्था के सचिव राजकुमार हरण ने अपने मन के उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी यह समिति केवल वरिष्ठजनों का संगठन नहीं, बल्कि एक संस्कारित, स्नेहिल और सेवा-भाव से जुड़ा परिवार है जहाँ हम मिलते हैं, हँसते हैं, सीखते हैं और एक-दूसरे के अनुभवों से समृद्ध होते हैं।
इस अवसर पर इन्होंने ली शपथ
अभय सुराणा अध्यक्ष, पुखराज पटवा उपाध्यक्ष, राजकुमार हरण सचिव शेखर नाहर कोषाध्यक्ष सरदारमल चोरड़िया सहकोषाध्यक्ष संजय सुराणा सहसचिव। इनकी रही उपस्थिति वर्धमान मांडोत पुखराज कांठेड़ अशोक झामर अभय श्रीमाल अनिल श्रीश्रीमाल कैलाश नाहर विजय आंचलिया विनोद बरमेचा विमल चपडो़द शांतिलाल डांगी रमणीक जैन आनंदीलाल लोढा अजय आंचलिया वीरेंद्र रांका प्रदीप सिसोदिया प्रकाशचंद्र पामेचा राजेंद्र कोचर संतोष सांकला प्रदीप सेठिया श्रेनिक चौहान मनोहरलाल ओस्तवाल लोकेश मेहता ऋषभ छाजेड़ आदि बड़ी संख्या में दंपति सदस्य उपस्थित थे। राष्ट्रगान के साथ सभा की समाप्ति हुई।