
विजयवाड़ा (आंध्रप्रदेश)। त्रिस्तुतिक जैन परंपरा के आचार्यदेव श्री हेमेंद्र सुरीश्वर जी म.सा.के अंतेवासी शिष्यरत्न एवं आचायदेव श्री ऋषभचंद्र सुरीश्वर जी म.सा.के समुदायवर्ती रतलाम नगर में जन्मे परम पूज्य प्रवचन प्रभावक,सिद्धितप प्रेरक, मुनिराज श्री चंद्रयश विजय जी म.सा. मुनिराज श्री जिनभद्र विजय जी म.सा.आदि ठाणा का चातुर्मासिक नगर प्रवेश आंध्रप्रदेश प्रांत के विजयवाड़ा नगर के श्री संभवनाथ राजेन्द्रसुरि जैन ट्रस्ट मंडल एवं श्री संघ के द्वारा दिनांक 2 जुलाई को ऐतिहासिक नगर प्रवेश करवाया गया ।
इस नगर प्रवेश के हजारों श्रद्धालु साक्षी बने जिसमें श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ के ट्रस्टी, श्री राज हर्ष हेमेंद्र राजेन्द्र धाम नाकोड़ा के ट्रस्टी , श्री बागरा त्रिस्तुत्रिक जैन संघ ट्रस्ट मंडल , श्रीनागदा जं. त्रिस्तुत्रिक जैन संघ ट्रस्टमंडल,कर्नाटक,आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु,गुजरात के गूंटूर,हैदराबाद,काकीनाड़ा, राजमहेंद्री, विशाखापत्तनम, नरसापुर, तनुकू,एल्लुर,तेनाली, नेल्लूर, चेन्नई, मुंबई, बेंगलोर, रानीबेन्नूर, अहमदाबाद, म.प्र.के जावरा,रतलाम,महिदपुर,नागदा जंक्शन, राजगढ़, टांडा आदि संघों के सदस्य पधारे। मुनिश्री को कांबली अर्पण करने का सौभाग्य सुराणा निवासी श्री जयंतीलाल जी घेवरचंद्र जी क्षत्रिय बोहरा परिवार को 9.11 में प्राप्त हुआ यह जानकारी नगर के रत्नराज मित्र मंडल के अध्यक्ष अजय सिसोदिया ने दी।