चातुर्मास आराधना : 25 दिवसीय इन्द्रिय जप तप हुआ प्रारम्भ

प्रतिदिन हो रहा है बच्चों को धार्मिक संस्कारों से जोड़ने के लिए बाल संस्कार वाचना शिविर का आयोजन

रतलाम । श्री दान प्रेम रामचन्द्र सूरी आराधना भवन पोरवाड़ो के वास पर आज चातुर्मास आराधना में जिस श्राद्ध दिन कृत ग्रंथ का वाचन होगा उसकी अष्ट प्रकारी पूजन, एवं ज्ञान पूजन हेतु सुबह से ही बडी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं पूजा के वस्त्र में पहुंचना शुरू हो गए एवं चातुर्मास हेतु विराजित पूज्य गुरु भगवंत श्री निःश्रेयस विजयजी विजेजी म.सा.को शुभ मूर्हत में श्री झमकलालजी राजमलजी पटवा परिवार द्वारा ग्रंथ वोहराया गया एवं श्री संघ की उपस्थिति में ग्रंथ श्रवण करवाने की विनती की गई पहली गुरु पूजन का लाभ सोहनबाई सुजानमल गेलडा परिवार द्वारा लिया गया । आज से ही 25 दिवसीय इन्द्रिय जप तप भी शुरु हो गया है जिसमे बड़ी संख्या मे तपस्वी भाई बहन लाभ ले रहे है ।
उपरोक्त जानकारी देते हुए दीपक कटारिया ने बताया कि प्रति रविवार दोपहर 3.30 से 4.30 तक बच्चों को धार्मिक संस्कारों से जोड़ने के लिए बाल संस्कार वाचना शिविर का आयोजन किया जा रहा हे जिसमें 18 साल तक के बालक बालिकाएं शामिल हो रहे हैं। आज पहला शिविर संपन्न हुआ जिसका लाभ पिस्ताबाई कन्हैयालाल श्रीमाल परिवार द्वारा लिया गया ।
इस अवसर पर पूज्य गुरुदेव ने प्रवचन में महत्ती धर्म सभा को ज्ञान तप शील एवं भाव का महत्व बताते हुए कहा कि अपने हृदय से की गई धर्म आराधना ही महत्वपूर्ण हे इसलिए हृदय के भाव हमेशा उच्च रखना चाहिए । संघ की व्यवस्था के साथ प्रत्येक को तन मन धन और समय के साथ इसमें जुड़ कर अपनी आत्मा का कल्याण करना चाहिए ।

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