श्रावण मास में शिव महापुराण कथा प्रारंभ

रतलाम। वीर क्षत्राणी शक्ति संघ, श्री राजपूत नव युवक मण्डल न्यास एवं महिला मण्डल के संयुक्त तत्वाधान में हाथीखाना स्थित श्री राजपूत धर्मशाला मे आचार्य श्री हेमंत कश्यप जी महाराज के मुखारविंद से दि.18 जुलाई 2025 शुक्रवार से शिव महापुराण कथा प्रारंभ हुई। कथा 24 जुलाई 2025, गुरुवार तक रहेगी।
शिव महापुराण कथा के पहले दिन पोथी यात्रा मेहंदी कुई बालाजी से प्रारंभ हुई जो महलवाड़ा, नजर बाग कॉलोनी होती हुई राजपूत धर्मशाला पहुंची। जिसमें बैंड,बाजे, ढोल,बग्गी थे। पुरुषों ने कुर्ते पजामे और महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा पहन रखी थी। बग्गी में ब्रह्म ऋषि पंडित हेमंत जी कश्यप व शिव महापुराण की पोथी बग्गी में विराजित रही। जागनाथ महादेव मंदिर पर पोती उतरी गई तथा राजपूत समाज धर्मशाला में पोथी 7 दिन के लिए विराजित की गई।
पोथी पूजन के मुख्य यजमान शैलेंद्र सिंह देवड़ा कविता देवड़ा ,वीरेंद्र सिंह चौहान, शीतल चौहान रहे। श्री शिव महापुराण कथा के प्रथम दिवस पर व्यासपीठ आचार्य श्री हेमंत कश्यप जी महाराज ने कथा का महात्म श्रवण करवाते हुए बताया कि आज के युग में मनुष्य को कथा की परम आवश्यकता है बदलते समय बदलते कल्चर को देखते हुए लगता है कि जमाना कहा जाना चाहिए और कहा जा रहा है कथा जीवन जीने की कला सिखाती हे कथा कर्म करना सिखाती है कथा सेवा करना सिखाती है कथा निज धर्म पर चलना सिखाती है कथा आदर सम्मान सत्कार करना सिखाती है कथा दान करना सिखाती है कथा समर्पण करना सिखाती है कथा करुणा दया करना सिखाती हे कथा प्रेम करना सिखाती हे कथा सत्कर्म करना सिखाती है कथा भक्ति करना सिखाती है कथा सद्भावना सिखाती है कथा समता सिखाती है कथा लोक कल्याण की भावना प्रकट करती है और अंत में कथा अच्छी मृत्यु कैसे प्राप्त हो यह भी सिखाती हे इसलिए आज की पीढ़ी को चाहिए कि कथा अवश्य सुने और कथा से जीवन जीने और जीवन यापन ओर अंत में मृत्यु की कला को सीखे। उक्त बात शिव पुराण में प्रथम दिन कहीं।
अंत में भगवान शिव की आरती कर प्रसाद वितरण किया गया तथा कथा 1:00 से 5:00 बजे तक सुनाई जाएगी। कथा में समाज जन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे । उक्त जानकारी श्री राजपूत समाज द्वारा प्रेषित की गई।