सिद्धितप आराधकों की घर-घर जाकर भक्ति कर रहा है श्री चिंतामणि भक्त मंडल

  • 195 से अधिक तपस्वियों की अनुमोदना और जिनभक्ति से जैन समाज में छाया पुण्य का उत्साह
  • “तपस्वियों की अनुमोदना व जिनेंद्र भगवान की भक्ति से मन को शांति और पुण्य दोनों प्राप्त होते हैं” – राजकुमार हरण

जावरा (अभय सुराणा) । नगर में चल रहे चातुर्मास में 195 से अधिक श्रद्धालु सिद्धितप की उग्र तपस्या में लीन हैं। इस पुण्यमयी तप आराधना की अनुमोदना हेतु श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ भक्त मंडल ने एक विशेष ‘भक्ति यात्रा’ का शुभारंभ किया है, जिसके अंतर्गत मंडल के सदस्य हर तपस्वी के घर जाकर सामूहिक जिनभक्ति कर रहे हैं तथा तपस्वियों का बहुमान कर रहे हैं। इस भक्ति आराधना का शुभारंभ पीपली बाजार स्थित श्री आदिनाथ दादा के दरबार में सामूहिक जिनभक्ति से हुआ। तत्पश्चात भक्त मंडल सुरेश सकलेचा के निवास पहुँचा, जहाँ आराध्य सकलेचा (13 वर्ष) एवं हीरल सकलेचा (11 वर्ष) की तपस्या की अनुमोदना की गई।
इसके बाद शांतिलाल रुनवाल के यहाँ बाल तपस्वी अर्चिशा (11 वर्ष) एवं आरना (12 वर्ष), अनिल धड़ीवाल परिवार, तांतेड़ परिवार, बरमेचा परिवार सहित अन्य तपस्वियों के घर भक्ति करते हुए अनुमोदना की गई एवं सभी का बहुमान किया गया।भक्त मंडल द्वारा प्रत्येक तपस्वी को मोतियों की माला पहनाई जा रही है, शाल ओढ़ाकर सम्मान किया जा रहा है और सामूहिक भक्ति के माध्यम से तप की अनुमोदना की जा रही है। इस पुण्य कार्य में गत वर्ष वर्षीतप पूर्ण करने वाली श्रीमती मंजू हरण ने मंडल को 6 डफली (झांझर) का सेट भेंटकर भक्ति यज्ञ में अपनी आहुति दी।
इस अवसर पर संस्था के वरिष्ठ राजकुमार हरण ने कहा – “तप आराधकों की अनुमोदना करना और जिनेंद्र भगवान की भक्ति करना मन को शांति देता है और आत्मा को पुण्य से भर देता है।” इस सेवा एवं भक्ति अभियान में संस्था केअध्यक्ष संजय मेहता,सचिव राजकुमार मारवाड़ी,वरिष्ठ सदस्य विनोद दख, प्रदीप बोरदिया, शेखर नाहर, संजय चपड़ोद, मनोज मेहता (LIC), दिनेश ओस्तवाल, प्रविण बरमेचा, मनीष मारवाड़ी, आशीष मेहता, कैलाश चोपड़ा, अमित जैन, दीपक हिंगड़, वीरेन्द्र लुक्कड़, कमल चौरड़िया, मनीष कोचर, अनिल श्रीश्रीमाल, विजय राठौड़ सहित कई सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।