प्रवर्तक जिनेंद्रमुनिजी म. सा. के सानिध्‍य में वीर माता तपस्वी श्रीमती कल्पना चौरड़िया ने 30 उपवास मासक्षमण की कठोर तपस्या पूर्ण की

श्री संघ ने अभिनंदन पत्र भेंट कर किया बहुमान

रतलाम । आचार्य प्रवर पूज्य श्री उमेशमुनिजी म . सा . के सुशिष्य धर्मदास गणनायक प्रवर्तक पूज्य श्री जिनेंद्रमुनिजी म . सा . तथा मुनिमंडल एवं पुण्य पुंज साध्वी पुण्यशीलाजी म . सा . व साध्वी मंडल के सानिध्य में गुरु समर्पण वर्षावास में त्याग – तपस्याओं का दौर चल रहा है । श्रावक श्राविकाएं उत्साहपूर्वक समस्त आराधनाओं में बढ़ चढ़कर भाग ले रहे हैं । यहां पर रत्नपुरी गौरव श्री श्रेयांशमुनिजी म.सा. की सांसारिक वीर माताजी तपस्वी श्रीमती कल्पना अरुणजी चौरड़िया ने 30 उपवास मासक्षमण की कठोर तपस्या पूर्ण की। तपस्वी बहन पूर्व में भी कई तपस्याएं पूर्ण कर चुकी है। तपस्या पूर्ण होने पर श्री धर्मदास जैन श्री संघ द्वारा डीपी परिसर पर आयोजित नियमित धर्मसभा में तपस्वी का बहुमान समारोह आयोजित किया गया। प्रवर्तक श्री जिनेंद्रमुनिजी म.सा. ने तपस्वी व तपस्वी के परिवार को खूब-खूब धन्यवाद दिया। श्री संघ की ओर से कई आराधकों ने विभिन्न तप की बोली लेकर तपस्वी का शाॅल ओढा़कर माला पहनाकर बहुमान किया ।इस अवसर पर पूरी धर्मसभा आचार्य श्री उमेशमुनिजी म . सा . , प्रवर्तक श्री जिनेंद्रमुनिजी म.सा . व तपस्वी के जयकारों से गुंजायमान हो गई। वही तपस्वी परिवार की ओर से तपस्या के अनुमोदनार्थ चौबीसी का आयोजन किया गया। वहीं डीपी परिसर पर प्रभावना भी वितरित की गई।