

जावरा (अभय सुराणा) । मनुष्य जन्म में जैन कूल मिला है तो इस जीवन को त्याग तपस्या धर्म मे लगाकर जीवन को सार्थक बनाना चाहिए जिससे अगला भव सुधारा जा सके। उक्त विचार जावरा नगर में चल रही ऐतिहासिक सिद्धितप तपस्या के निमित्त सेंट्रल परिवार के तपस्वी रत्न की अनुमोदना करते हुए सेंट्रल अध्य्क्ष संजय सुराणा ने व्यक्त किए । सेंट्रल परिवार के ज्योतिबाला बोहरा मासखमन तपस्या की ओर अग्रसर है एवम अनिल चपडोद,आशिष सकलेचा,रोहित चोरडिया,रानी मूणत,उषा कोचट्टा,कविता बरमेचा,नीता मेहता,प्राची मारवाड़ी,नेहल मेहता,आस्था चपडोद, सिद्धितप तपस्या के निमित उनके निवास स्थान पर जाकर भावपूर्ण भक्ति करते हुए उनके तप की अनुमोदना की गयी एवम निर्विध्न तपस्या पूर्ण हो ऐसी कामना की गई। इस अवसर पर अरुण संघवी,अतुल सुराणा,सुरेंद्र कोलन, दीपक हिंगड़,अमित चत्तर,संतोष चोरडिया, श्रीपाल मूणत, नरेश मारवाड़ी, राकेश कोचट्टा,सुनील चपडोद,हंसा सुराणा,ज्योति सुराणा,संगीता संघवी,किरण चोरडिया,जयश्री चपडोद ,नीतू सकलेचा, स्वाति चोरडिया, आदि सदस्य उपस्थित थे।