
जावरा (अभय सुराणा)। राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर दिवाकर भवन पर विराजित परम विदुषी तपस्विनी पूज्य महासती श्री सरिता श्री जी महाराज साहब मधुर व्याख्यानी पूज्य महासती श्री प्रियंका श्री महाराज साहब के पावन सानिध्य में राष्ट्रगान के साथ ध्वजारोहण का कार्यक्रम समाज जनों की उपस्थिति में संपन्न किया गया कार्यक्रम के पश्चात धर्म सभा का आयोजन किया गया।
धर्म सभा को संबोधित करते हुए महासती जी ने फरमाया कि यह आजादी का पर्व हम बड़ी ही सरलता एवं सुगमता से मनाते हैं लेकिन इस आजादी को प्राप्त करने में कितने ही वीरो एवं महापुरुषों ने यातनाएं सहन कर अपने प्राणों के बलिदान पर हमें यह आजादी दी है।
इस अवसर पर हमें उनके उपकारों को सदैव याद रखना चाहिए ब्रिटिश व्यापारी बन कर आये थे और शासन करने लगे आज हम स्वतंत्र है या स्वच्छंद है यह हमें विचार करना चाहिए संस्कारों से हम आज भी पाश्चात्य संस्कृति को अपना रहे हैं क्योंकि विचारों से हम आज भी गुलामी का जीवन जी रहे हैं हमें धार्मिक गतिविधियों के लिए समय नहीं है लेकिन विलासिता के लिए पार्टी के लिए सदैव तैयार रहते हैं हम अपने संस्कारों से दूर होते जा रहे हैं देश आजाद हो गया लेकिन हम बिना पुरुषार्थ के कर्मों से आजादी नहीं प्राप्त कर सकते हैं हमें धर्म की राह पर संस्कारों के साथ चलना पड़ेगा तभी हम अपनी और आने वाली पीढ़ियों को परतंत्रता से सुरक्षित रख सकते हैं वैसे तो हम आजादी के उपरांत लोकतंत्र में जी रहे हैं लेकिन आज भी हमारी बच्चियों माता बहनों पर अत्याचार हो रहे हैं यह सब हमारे संस्कारों से दूर होने का परिणाम है हमारा आजादी मानना तभी सार्थक है जब हम सभी से मैत्री भाव के साथ देवता को छोड़ एकजुट होकर रहे।उपरोक्त जानकारी देते हुए श्री संघ अध्यक्ष समाज भुषण इंदरमल टुकड़ियां एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओमप्रकाश श्रीमाल ने देते हुए बताया कि जन्माष्टमी के पावन अवसर पर फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी रविवार को दशवेकालिक की गाथा के जाप रखे जाएंगे। धर्म सभा का संचालन महामंत्री महावीर छाजेड़ ने किया।