जावरा (अभय सुराणा)। तपस्विनी विदुषी पूज्य महासती सरिताश्री जी म. सा., मधुर व्याख्यानी प्रियंकाश्री जी म. सा.. के पावन सानिध्य में दिवाकर भवन पर पर्युषण महापर्व के प्रथम दिवस पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए फरमाया कि पर्युषण पर्व जाग्रती का पैगाम लेकर आया है बाकि सभी पर्व मौज शौक मनाने के है लेकिन यह पर्व हमें मोहनिय नींद से जगाने आया है आज का मानव धन और साधनों में सुख को ढुंढ रहा है लेकिन मानसिक शांति का अभाव है जीवन में शांति के लिए उॅचा पद धन वैभव की आवश्यकता नहीं होती धन तो साधन और सुरक्षा देता है लेकिन शांति नहीं यह पर्व पर्युषण हमें आत्म निरीक्षण का मोका देता है। जो धर्म धारण करता है धर्मं उसकी रक्षा करता है धर्मं उस अमृत गंगा के सामान है जो सभी पापो को धो देता है धर्म आचरण में आ जाने पर मावन के जीवन में विनय भाव आ जाता है धन आने के बाद सुख आये या नहीं आये यह निश्चित नहीं है लेकिन धर्म आ गया तो सुख अवश्य आएगा चिंतन मनन करे एक के बिना सभी शुन्य है हम सुख संसार के भौतिक साधनों में ढूंढ रहे है धन की दौड़ में भाग रहे है धर्म को मंदिर मस्जिद में ढूंढ रहे है वह हमारी आत्म के अन्दर ही मिलेगा जीवन में सब कुछ पा लीया किन्तु धर्म आचरण में नहीं आया तो सभी शुन्य है धर्म हमें दुर्गति से निकाल कर सद्गति में पहुचाता है क्यों की ज्ञानीयो द्वारा कहा गया है खाया पिया अंग लगेगा दान दिया संग चलेगा बाकि सब जंग लगेगा इसलिए यदि हम साधन सम्पन्न है तो किसी जरुरत मंद की मदद अवश्य करे दान देने वाले का मृत्युलोक ही नहीं वरन स्वर्ग में बहुमान होता है जो व्यक्ती होने पर भी दान नहीं देता वह नादान है ।
उपरोक्त जानकारी देते हुए श्री संघ अध्यक्ष समाज भुषण इंदरमल टुकड़िया एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओमप्रकाश श्रीमाल ने बताया कि पर्युषण महापर्व पर अष्टदिवस महामंत्र नवकार के जाप प्रातः 6:00 बजे से प्रारंभ हो चुके हैं बड़ी संख्या में श्रावक श्राविकाओं द्वारा त्याग तपस्या द्वारा पर्युषण पर्व में उत्साह पूर्वक भाग लिया प्रवचन की प्रभावना का लाभ समाजरत्न बसंतीलाल धनसुख अनुकूल अनुष चोरड़िया परिवार ने प्राप्त किया, सामूहिक तेले का भी आयोजन किया गया है।
प्रतिदिन प्रतिक्रमण सायं काल 7:00 बजे दिवाकर भवन रंगुजी महिला स्थानक एवं चौपाटी केसर कस्तूर स्वाध्याय भवन पर रहेगा धर्म सभा का संचालन महावीर छाजेड़ ने किया।