व्यक्ति को अपनी कथनी करनी में एक सामानता रखनी चाहिए

रतलाम । आचार्य श्री रामलाल जी महाराज साहब एवं उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि जी महाराज साहब के अज्ञानूवर्ती शासन दीपक रोहित मुनि जी मसा ने अपने प्रवचन में फरमाया कि व्यक्ति को अपनी कथनी करनी में एक सामानता रखनी चाहिए, वक्रता का भाव हमें काया का टेड़ापन और माया का टेड़ापन सीखाता है सत्य के मार्ग पर चलेंगे तो हमारे जीवन में कभी भी संकट नहीं आएगा और सरलता से जीवन व्यापित होगा भगवान महावीर के समय शासनकाल में यह मान्यता मानी गई है कि यह समय वक्र बुद्धि लोगों का है जो चेहरे पर कुछ और दिखाते हैं और मन में भाव कुछ और रहता है ऐसे में हमें अपनी विश्वसनीयता रखने के लिए अपनी कथनी और करनी को एक जैसा रखना चाहिए । समता भवन गोपाल गौशाला पर प्रवचन पश्चात कई भाई बहनों ने बड़ी तपस्याओं के पचकान ग्रहण किया कल के प्रवचन का विषय प्रत्याख्यान का प्रभाव रहेगा संघ द्वारा तपस्वी का बहुमान भी किया जिसमें हर्षना गौरव मूणत के मासश्रमन एवं कई भाई बहनों की दीर्घ तपस्या के पूर्णता पर अनुमोदनार्थ संघ ने कथनी करनी एक समान जय गुरु नाना जय गुरु राम के जय घोष के साथ शब्दीक बहुमान किया इस अवसर पर संघ के प्रीतेश गादिया ने बताया कि संघ अध्यक्ष कांतिलाल छाजेड़ मंत्री अशोक पिरो दिया पूर्व अध्यक्ष कार्यकारिणी सदस्य समता युवा संघ महिला मंडल बहू मंडल बालक मंडल बालिका मंडल आदि के पदाधिकारी भी उपस्थित थे संचालन चंदनमल पिरोदिया ने किया।