संबंधों को बनाए रखने के लिए प्रज्ञ और महाप्रज्ञ बनिये-साध्वी श्री सुसिद्धि श्री जी

जावरा ( अभय सुराणा) । आचार्य भगवन श्री रामलाल जी म.सा.की आज्ञानुवर्तिनी शासन दीपिका महासती श्री दर्शनाश्री जी म. सा. ठाणा 3 समता भवन जवाहर पथ पर सुखसाता पूर्वक विराजमान है पर्युषण महापर्व पर तप त्याग धर्म ध्यान अनंतगढ़ सूत्र वाचन जिनवाणी की निर्मल गंगा निरंतर प्रवाहमान है ।
साध्वी श्री सुसिद्धि श्री जी ने धर्म सभा में कहा कि राग और द्वेष यह कर्म के मूल बीज है , राग द्वेष के कारण व्यक्ति जो चाहता है वह कर नहीं पाता है व्यक्ति तीन प्रकार के होते हैं अज्ञ व्यक्ति परस्पर वाद विवाद में उलझा रहता है । प्रज्ञ व्यक्ति सद्बुद्धि और संवाद के द्वारा सभी से सम्यक बातचीत करता है और महाप्रज्ञ व्यक्ति स्व और पर दोनों की समस्याओं को सुलझाता है। प्रेम, विश्वास, सहयोग और सहनशीलता हमारे संबंधों की डोर टिकाए रखते हैं । संबंधों को बनाए रखने के लिए प्रज्ञ और महाप्रज्ञ बनिए । अपनी वाणी पर कंट्रोल रखिए नहीं तो संबंधों के एक्सीडेंट होने में देर नहीं लगेगी । सुखी जीवन के लिए जिंदगी में तीन फैक्ट्रियां जरूर खोलनी चाहिए- दिमाग में आइस फैक्ट्री, जुबान में शुगर फैक्ट्री और दिल में लव फैक्ट्री लगानी चाहिए । संयुक्त परिवार में जो सुख मिलेगा वह अलग रहने में नहीं मिलेगा ।
धर्म सभा में साध्वी श्री सुरिद्धी श्री जी महाराज साहब ने कहा कि अपनी इच्छाओं और आसक्ति को कम करो । विराट विश्व में विभिन्न प्रकार की मक्खियां होती है एक मक्खी नाक की श्लेष पर बैठती है अर्थात धन दौलत होने पर भी आसक्ति नहीं छुटती है शहद की मक्खी की तरह धन में आसक्त होने के कारण नरक गति हो जाती है । मिश्री की डली पर बैठने वाली मक्खी टल्ला लगने पर उड़ जाती है इसी तरह धन्ना सेठ और शालीभद्र ने आशक्ति को छोड़ा था । यह संसार दुखों से भरा हुआ है अतः आसक्ति को हटाकर ही हम अपने जीवन का उत्थान कर सकते हैं । पाचन शक्ति कमजोर होने पर दूध मलाई तो खाई जा सकती है पर उसे पचाया नहीं जा सकता, इसी तरह अपात्र होने पर भी धर्म तो किया जा सकता है पर धनी नहीं बना जा सकता । जीवन में सरलता और सहजता होना चाहिए , हमारे जीवन की करुण कथा पांच बातों में अटक कर रह गई है अटैक ,ब्लड प्रेशर ,कैंसर ,डायबिटीज और एंड । हमें प्रतिदिन सामायिक की साधना अवश्य करना चाहिए इससे हमारी आसक्ति दूर होगी और यह हमें बहुत ऊंचाइयों पर ले जाएगी । धर्म सभा में सुश्री मुस्कान पगारिया ने इक्कीस उपवास के प्रत्याख्यान लिए ।
प्रवचन पश्चात समता युवा संघ एवं समता बहू मंडल द्वारा धार्मिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है । संघ में तपस्याओं का ठाठ लगा हुआ है । अनेक संवर, एकासना उपवास पोषध तेला एवं बड़ी तपस्या के प्रत्याख्यान प्रतिदिन हो रहे हैं । धर्म सभा में बड़ी संख्या में श्रावक श्राविकाएं उपस्थित रहते हैं। पर्यूषण पर्व में धर्म आराधना के ठाठ लगे हुए हैं। यह जानकारी संघ मंत्री प्रदीप सेठिया ने दी।