रतलाम। न्यायालय श्रीमान अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश महोदय (श्री निर्मल मंडोरिया) रतलाम (म.प्र.) के द्वारा निर्णय दिनांक 29.08.2022 को अभियुक्त रमेश पिता नरसिंह बिलवाल उम्र 50 वर्ष नि. नालपाडा ग्राम लाल गुवाडी पुलिस थाना डीडी नगर रतलाम जिला रतलाम को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 5000 रू. के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
प्रकरण के पैरवीकर्ता विशेष लोक अभियोजक गोल्डन राय ने बताया कि सूचनाकर्ता राका उर्फ राकेश द्वारा दिनांक 07.02.2020 को पुलिस थाना दीनदयाल नगर, रतलाम के उप निरीक्षक मुकेश सस्तिया को इस आशय की देहाती मर्ग इंटीमेशन लेखबद्ध करवाई गई कि, वह लाल गुवाड़ी रहता है एवं खेती करता है। दिनांक 06.02.2020 को उसकी मोटी मां वेलकीबाई की लड़की दुर्गा की शादी उनके घर पर थी, जिसमें उसकी बहन धनकीबाई और जीजा रमेश बिलवाल शादी में आये थे। इसके बाद उसकी बहन धनकी एवं जीजा रमेश रात में करीब 11:00 बजे वापस अपने घर चले गए थे। दिनांक 07.02.2020 की सुबह 08:00 बजे उसे गांव के लोगों से सूचना मिली कि, फकीरचंद गुर्जर के खेत के पास जूनी माता पगडंडी रोड के पास नाले में उसकी बहन धनकीबाई की लाश पड़ी है, इस पर वह मौके पर आया तो देखा कि, फकीरचंद गुर्जर के खेत के पास नाले में उसकी बहन की लाश पड़ी मिली तथा उसकी गर्दन पर चोट के निशान थे। उक्त सूचना पर थाना दीनदयाल नगर, रतलाम द्वारा मर्ग क. 0/20 दर्ज किया गया।
मर्ग जांच के दौरान घटना स्थल पर उपस्थित परिस्थितिजन्य साक्ष्य एवं परिजन साक्षी राकेश मावी, हुकलीबाई, चक्षुदर्शी साक्षी गढ़ा बा उर्फ राजू मईडा के कथन लेख किए गए, जिन्होंने अपने कथन में अभियुक्त रमेश बिलवाल द्वारा मृतका धनकीबाई के साथ चरित्र शंका को लेकर लड़ाई-झगड़ा करना बताया तथा साक्षी गढ़ा बा उर्फ राजू मईडा ने उसके कथन में जंगल में जड़ी-बूटी लेने जाते समय फकीरचंद गुर्जर के खेत के पास नाले में रमेश बिलवाल को कपड़े से कुछ ढक कर छुपाकर देखना तथा वापस आने पर वहां धनकीबाई की लाश साड़ी से ढकी हुई पडी होने तथा रमेश बिलवाल के खेत में छुपे होने की सूचना मिलना बताया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका धनकीबाई की मृत्यु पेट में कारित चोट के कारण उत्पन्न हेमरेज एवं शॉक तथा गला दबाने से अप्राकृतिक मृत्यु होना लेख किया गया। परिस्थितिजन्य साक्ष्य, परिजनों एवं चक्षुदर्शी साक्षियों के कथन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृतका धनकीबाई को उसके पति रमेश बिलवाल द्वारा चरित्र शंका के कारण गला दबाकर तथा लात-घूसों से मारपीट कर हत्या कर लाश को छुपाने की नियत से साड़ी से ढकना तथा चक्षुदर्शी साक्षी द्वारा देखे जाने पर मौके से भाग जाना पाया गया।
मर्ग जांच के आधार पर अभियुक्त रमेश बिलवाल के विरूद्ध अपराध कमांक 105/2020 धारा 302, 201 भा.द.सं. के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया।
विचारण उपरांत माननीय न्यायालय द्वारा अपने निर्णय दिनांक 29.08.2025 को अभियोजन की ओर से प्रस्तुत मौखिक साक्ष्य, दस्तावेजी साक्ष्य एवं वैज्ञानिक साक्ष्य डीएनए रिपोर्ट सकारात्मक होने के आधार पर अभियुक्त को दोषसिद्ध किया गया। 05 वर्ष से अधिक पुराने चिन्हित, जघन्य एवं सनसनीखेज श्रेणी के उक्त प्रकरण में शासन की ओर से सफल पैरवी विशेष लोक अभियोजक गोल्डन राय द्वारा की गई।