श्रीमती सारिका मनीष पोखरना के मासक्षमण की तपस्या पूर्ण

अपने जीवन में पहली बार की इतनी बड़ी तपस्या

जावरा (अभय सुराणा) । जहाँ धर्म की प्रभावना होतीं हैं वहाँ धर्म का प्रभाव होता है जहाँ धर्म का मर्म होता है वहाँ त्याग तपस्या का भाव होता हैं तपस्या हमारे पुर्व जन्म का प्रतिफल हैं कि हम शुद्ध मन से बिना किसी लालच तपस्या करते हैं उसका प्रतिफल निश्चित रूप से मिलता है ।
उक्त विचार जैन सोशल ग्रुप के पूर्व अध्यक्ष संदीप रांका जावरा ने स्थानिय अंबिका रिसोर्ट पर व्यक्त किये । साथ ही रांका ने बताया की भीलवाड़ा मे चार्तुमास हेतु विराजीत बहन म सा महासती डॉ कुमुदलता जी म सा बहन म सा डॉ महाप्रज्ञा जी म सा आदि ठाणा के आर्शीवाद से रतलाम की धरा पर विराजित डॉ संयमलता जी म सा आदि ठाणा के पावन आर्शीवाद से श्रीमती सारिका मनीष पोखरना जावरा की मासक्षमण 31 उपवास की उग्र तपस्या धोवन पानी, गर्म जल पर आधारित तपस्या पूर्ण करने पर जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मेत्री परिवार द्वारा अंबिका रिसोर्ट पर बहुमान कर स्वागत वंदन अभिनंदन किया गया ।
इस दोरान ग्रुप के अध्यक्ष राजेश पोखरना, पुर्वाध्यक्ष द्वय संदीप रांका, पंकज कांठेड, आशीष पोखरना, राजीव लुक्कड़ के साथ सचिव शशांक मेहता, कोषाध्यक्ष संदीप दसेडा के साथ डॉ ऋषि मेहता, विपिन चोरडिया, आशीष जैन, अजय पटवा, आशीष चत्तर, शैलेश श्रीश्रीमाल, अर्पल कोच्चटा, मनीष धारीवाल, तरुण टुकड़िया, लोकेश कांठेड, राहुल छाजेड़, संदीप चोरड़िया, पंकज जैन, पंकज मेहता, राहुल बरैया, रितेश चोपड़ा राजेश हिंगड, अजय काठेंड, अजय तातेंड़ के आदि नगर के गणमान्यजन उपस्थित थे।

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