मंडोली । अज्ञान दशा में की गई उपासना साधना भी कर्म बंधन का कारण ही बनेगी अज्ञान सभी पापों का मूल है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने गुरुदेव शांति सुरेश्वर जी के जन्म कल्याणक एवं ज्ञान पंचमी पर संबोधित करते कहा कि अनंत जन्मों के अज्ञान का अंधकार पल भर के ज्ञानसे समाप्त हो जाता है।
उन्होंने कहा कि एक शब्द का ज्ञान तीन लोक की संपत्ति के दान से बढ़कर है सर्वश्रेष्ठ विद्यादान है जैन संत ने बताया कि धन तो इसी जन्म में काम आता है लेकिन ज्ञान आत्मा के जन्म जन्मांतर में साथ देता है बिना ज्ञान के धन भी अभिशाप बनेगा । मुनि कमलेश ने बताया कि मात्र अक्षर ज्ञान ही ज्ञान नहीं है बल्कि आत्मा और शरीर का भेद ज्ञान पुनर्जन्म कर्म और जन्म मनुष्य मुक्ति का उपाय सद्गुरु से ही संभव है।
राष्ट्र संत ने कहा कि ज्ञान के धन को बांट नहीं सकता जला नहीं सकता और विपत्ति में सच्चा साथी है बांटने से और बढ़ता है ज्ञान ही परमात्मा का दूसरा रूप है ज्ञान पंचमी पर देश के कोने कोने से हजारों गुरु भक्त मंडोली तीर्थ की पावन धरती पर उम्र पड़े 18 फरवरी को भीनमाल 72 जिनालय राष्ट्रसंत कमल बने के पधारने की संभावना है तीन दिवसीय ध्यान साधना शिविर का आयोजन है मूर्तिपूजक सी जयंत विजय से मुनि कमलेश का मधुर मिलन होगा।