
रतलाम 1 अक्टूबर। आनंद विभाग द्वारा गुलाब चक्कर पर स्वच्छता संगोष्ठी आयोजित की गई जिसमें विभिन्न संस्थाओं से 40 पर्यावरण मित्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। आनंद विभाग की जिला समन्वयक सीमा अग्निहोत्री ने बताया कि इस प्रकार का आयोजन स्वच्छता के लिए एक अत्यंत सार्थक पहल है क्योंकि सामूहिक सोच और सबके सहयोग से ही हम अपने स्वच्छता लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। रूपेश राठौड़ ने कहा कि स्वच्छता हमेशा स्व से शुरू होती है। नगर निगम की तरह ही सभी बड़ी संस्थाओं को वेस्ट मैनेजमेंट करना चाहिए। सुषमा अग्निहोत्री ने कहा कि हमें कचरे को कम करने पर विचार करना चाहिए। मधु परिहार ने कहा कि कचरा गाड़ी में कचरा कम देना पड़े उसका मैनेजमेंट महिलाओं को घर से ही करना होगा। राजेंद्र चतुर्वेदी ने अपना सुझाव देते हुए कहा कि हम अपने हिस्से की गंदगी करना बंद कर दें तो स्वच्छता अभियान की आवश्यकता ही नहीं होगी। नवोदित बैरागी ने कहा कि ऐसे स्थान जहां पर डस्टबिन नहीं है वहां पर्यावरण मित्र डस्टबिन लगाने के लिए प्रेरित करें। शैलेन्द्र तिवारी ने कहा कि “जितने हाथ, उतनों का साथ” के सिद्धांत पर कार्य करते हुए प्रत्येक नागरिक को इसमें अपना योगदान देना आवश्यक है। नरेन्द्र श्रेष्ठ ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए आग्रह किया कि नागरिकों को ट्रेचिंग ग्राउंड भेजना चाहिए जिससे उनको पता चले की कचरा गाड़ी में अलग-अलग कचरा नहीं देने पर ट्रेचिंग ग्राउंड पर उस कचरे को किस तरह अलग किया जाता है। रत्नेश विजयवर्गीय ने कहा कि हार फुल जैसी बायोडिग्रेडेबल सामग्री को भी लोग पॉलिथीन में बांध कर पानी में विसर्जित करते हैं,फोटो को भी कांच की फ्रेम सहित जलाशय में विसर्जित करते हैं। इसलिए जागरूकता जरूरी है। शरद चतुर्वेदी ने पर्यावरण मित्रों से आग्रह किया कि जो लोग शहर को गंदा करते हैं उनको रोके टोंके। गिरीश सारस्वत ने कहा कि जो लोग सार्वजनिक स्थल की स्वच्छता को बनाए रखते हैं ऐसे लोगों को सम्मानित किया जाना चाहिए। विनय मोघे ने कहा कि हमें स्वच्छता अभियान में लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है जिसमें उन्होंने विनोबा भावे के प्रसंग का उल्लेख किया।
विशाल वर्मा ने आनंद विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य आनंद संस्थान सेवा के हर प्रकल्प को समर्पित होकर रतलाम जिले में कार्य करते हुए एक अलग छवि के साथ प्रस्तुत होता है। सभी ने सप्ताह में 2 घंटे श्रमदान करने की शपथ ली। रतलाम को स्वच्छता में नंबर वन बनाने के लिए अपनी ओर से हर संभव प्रयास करने के लिए स्वच्छता संगोष्ठी में पतंजलि योगपीठ, श्रेष्ठ नवनिर्माण फाउंडेशन , रतलाम कला मंच, खुशी एक पहल , दृश्य वेलफेयर सोसाइटी, एक्याम युवा फाऊंडेशन, श्रीअरविंद सोसायटी, आरो आश्रम, यूथ हॉस्टल एसोसिएशन, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालयः धर्मा कोठारी, आनंद विभाग, सर्व ब्राह्मण समाज, जन अभियान परिषद एवं सृष्टि समाज सेवा समिति संस्थाएं सम्मिलित हुईं।