तपस्वी शिल्पा सौरभ मूणत ने 100 दिवसीय लघु सर्वतो भद्र तप की तपस्या पूर्ण की श्री संघ ने अभिनंदन पत्र भेंटकर किया बहुमान

रतलाम। आचार्य प्रवर पूज्य श्री उमेशमुनिजी म.सा. के सुशिष्य धर्मदास गणनायक प्रवर्तक पूज्य श्री जिनेंद्रमुनिजी म.सा. तथा मुनिमंडल एवं पुण्य पुंज साध्वी श्री पुण्यशीलाजी म.सा. व साध्वी मंडल के सानिध्य में गुरु समर्पण वर्षावास में त्याग-तपस्याओं का दौर चल रहा है।मासक्षमण की कठोर तपस्या भी चल रही है। श्रावक – श्राविकाएं उत्साहपूर्वक समस्त आराधनाओं में बढ़ चढ़कर भाग ले रहे हैं। यहां रत्नपुरी गौरव पूज्य श्री अमृतमुनि जी म.सा. व साध्वी करूणाश्रीजी की सांसारिक बहु तपस्वी शिल्पा सौरभ मूणत ने 100 दिवसीय लघु सर्वतो भद्र तप की उग्र तपस्या पूर्ण की। तपस्वी शिल्पा मूणत पूर्व में एक वर्षीतप, दो बार मासक्षमण, एक सिद्धि तप, 8 उपवास दो बार, वर्धमान ओलीजी तप की दसवीं लड़ी आदि कई तपस्याएं कर चुकी हैं।
उल्लेखनीय है कि शिल्पा मूणत सोशल ग्रुप यूथ के पूर्व सचिव सौरभ मूणत की धर्म सहायिका है। डीपी परिसर पर आयोजित धर्मसभा में प्रवर्तक श्री जिनेंद्रमुनिजी म. सा. ने तपस्वी व तपस्वी के परिवार को खूब खूब धन्यवाद दिया। आयोजित धर्मसभा में श्री धर्मदास जैन श्री संघ द्वारा तपस्वी का बहुमान किया गया। श्री संघ की ओर से कई आराधकों ने विभिन्न तप की बोली लेकर तपस्वी का शाॅल ओढा़कर माला पहनाकर बहुमान किया। श्री धर्मदास जैन श्री संघ के सचिव अशोक भरगट व श्री पाल मांडोत ने बताया कि श्री संघ द्वारा तपस्वी का गणनायक गौरव गाथा परिसर पर अभिनंदन पत्र व भेंट देकर अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर गुरु समर्पण वर्षावास समिति के मुख्य संयोजक शांतिलाल भंडारी, श्री संघ के अध्यक्ष रजनीकांत झामर, महामंत्री विनय लोढ़ा, सचिव राजीव चौरड़िया, श्री संघ के वरिष्ठ प्रकाश चंद्र सेलोत, प्रमोद सालेचा, सौरभ मूणत, तपस्वी के पुत्र पर्व मूणत, बालिका एषणा मूणत आदि उपस्थित थे। संलग्न फोटो : तपस्वी का अभिनंदन करते हुए पदाधिकारी व सदस्यगण।

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