अणुव्रत उद् बोधन सप्ताह के अंतर्गत जिला सर्किल जेल में आयोजन किया गया

रतलाम। अणुव्रत समिति द्वारा अणुव्रत उद् बोधन सप्ताह के अंतर्गत जिला सर्किल जेल में आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण न्यायाधीश नीरज पवैया, जिला विधिक सहायता अधिकारी सुश्री पूनम तिवारी, जेल अधीक्षक लक्ष्मण सिंह भदोरिया व जेलर बृजेश मकवाना अतिथि थे।
समिति अध्यक्ष अंगूरबाला माँडोत सचिव रत्ना भटेवरा ने बताया कि कार्यक्रम के प्रारंभ में मंगलाचरण रत्ना भटेवरा ने प्रस्तुत किया। रवि जैन एडवोकेट ने बताया कि अणूव्रत एक आंदोलन है जिसका उद्देश्य स्वच्छ समाज का निर्माण करना है। अध्यक्ष अंगूरबाला माँडोत कहा कि अणूव्रत आंदोलन मानवीयता में विश्वास रखता है तथा अपने लाभ के लिए दूसरे को नुकसान नहीं पहुंचता है।
न्यायाधीश नीरज पवैया ने कहा कि जीवन में ऐसे नियम बनाओ की जिससे आपका स्वयं का भी फायदा हो तथा दूसरे का भी फायदा हो अगर आप जेल में सजा काट रहे हैं तो यह आपके कर्मों का फल है और यहां आने के बाद आप सुधर जाते हैं तो यह मानिए कि आपको जेल किसी अच्छे काम के लिए हुई है, जिससे आप सुधर गए हो तथा आपका जीवन सुधर गया है। सुश्री पूनम तिवारी ने कहा कि हिंसा शब्दों से भी होती है अतः हमें किसी भी प्रकार की हिंसा से बचना चाहिए, व्यक्ति को नशे से बचना चाहिए अगर किसी को नशा करना है तो वह प्रभु भक्ति का नशा करें। जेल अधीक्षक लक्ष्मण सिंह भदोरिया ने कहा कि कैदियों को अच्छा आचरण करना चाहिए तथा यहां से जाने के बाद समाज में हिंसा नहीं करना चाहिए अगर कोई कैदी निरक्षर है तो वह जेल में रहकर साक्षर बनकर अपना जीवन सुधार सकता है। समिति की ओर से जेल को अणुव्रत साहित्य प्रदान किया गया। अणूव्रत समिति की ओर से सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में उपाध्यक्ष गौतम वोरा, सह मंत्री समीक्षा दख, निपुण कोठारी, कल्याणमल भाँगू आदि उपस्थित थे , संचालन रवि जैन ने किया तथा आभार जेलर बृजेश मकवाना ने माना।